आशीष नेहरा © Getty Images
आशीष नेहरा © Getty Images

टीम इंडिया के सबसे वरिष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक आशीष नेहरा ने हाल ही में 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करते ही खलबली मचा दी। वह इसलिए क्योंकि अक्सर चोटिल रहने वाले और 12 ऑपरेशन करवा चुके नेहरा से उम्र के इस पड़ाव में वापसी की किसी को उम्मीद नहीं थी। खासतौर पर तब जब यो-यो टेस्ट में उनसे उम्र में तीन से चार साल छोटे युवराज और रैना फेल होकर टीम इंडिया में वापसी न कर पाए हों, लेकिन नेहरा ने यो-यो टेस्ट में सिर्फ अपनी मौजूदगी ही दर्ज नहीं करवाई बल्कि विराट कोहली के आसपास के स्कोर के साथ क्वालीफाई भी कर लिया और जता दिया कि भले ही उनकी उम्र 38 की हो गई हो लेकिन उनकी फिटनेस अभी भी 23 साल के किसी युवा क्रिकेटर से कम नहीं है।

लेकिन इसी बीच खबरें आ रही हैं कि नेहरा न्यूजीलैंड के खिलाफ 1 नवंबर को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला टी20 के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। ऐसे में इस बेहतरीन क्रिकेटर के करियर की कुछ बातों को जान लेना जरूरी हो जाता है। तो आइए नजर डालते हैं।

1. नेहरा ने 1999 में किया था डेब्यू: नेहरा ने टीम इंडिया की ओर से अपना डेब्यू साल 1999 में किया था। इस दौरान वह एशियन टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका के खिलाफ खेले थे। मौजूदा समय में वह उन गिने चुने क्रिकेटरों में से एक हैं जिन्होंने साल 2000 के पहले डेब्यू किया और आज भी एक्टिव हैं। [ये भी पढ़ें: 1 नवंबर को अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच खेलेंगे आशीष नेहरा!]

2. दो बार 6-6 विकेट लेने वाले एकलौते भारतीय गेंदबाज: 120 वनडे में 147 विकेट झटकने वाले नेहरा टीम इंडिया के एकमात्र गेंदबाज हैं जिन्होंने वनडे में दो बार 6-6 विकेट लेने का गौरव हासिल किया है। नेहरा ने पहली बार इस कारनामे को अंजाम साल 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ दिया था। इस मैच में नेहरा ने 23 रन देकर 6 विकेट झटके थे। उनके इस स्पेल की ही बदौलत टीम इंडिया ने मैच 82 रनों से जीत लिया था। दूसरी बार नेहरा ने इस कारनामे को अंजाम साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ दिया था। इस मैच में उन्होंने 59 रन देकर 6 विकेट झटके थे। टीम इंडिया ने मैच 18 रनों से जीता था।

3. टीम इंडिया के रफ्तार के सौदागर: साल 2003 में आशीष नेहरा अपने करियर के टॉप पर नजर आए थे। उन्होंने इस दौरान सटीक लाइन के साथ तूफानी रफ्तार में गेंदबाजी की थी। इस दौरान उनकी सबसे तेज गेंद की रफ्तार 149.7 किमी./घंटा रही थी। इसे देखकर हर कोई हक्का-बक्का रह गया था। वैसे भारत की ओर से सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड जवागल श्रीनाथ के नाम है। श्रीनाथ के नाम 154.5 किमी./घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने का रिकॉर्ड दर्ज है।

4. 2016 वर्ल्ड टी20 में की कमाल की गेंदबाजी: आशीष नेहरा ने साल 2016 वर्ल्ड टी20 में कमाल की गेंदबाजी की थी। वह इस दौरान टीम इंडिया की ओर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। नेहरा ने इस दौरान 5 मैचों में 10 विकेट झटके थे।

5. एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज: साल 2015 में नेहरा ने आईपीएल में गदर मचा दिया था। उन्होंने इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए 22 विकेट ले डाले थे। इस तरह से वह एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज गेंदबाज हैं।

6. 5 आईपीएल टीमों की ओर से खेल चुके हैं नेहरा: आशीष नेहरा अभी तक आईपीएल की पांच टीमों की ओर से खेल चुके हैं। उन्होंने पहला सीजन मुंबई इंडियंस के लिए , फिर दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए, उसके बाद वह पुणे वॉरियर्स से जुड़े। फिर वह धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स से जुड़े और अब वह सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हैं।

7. सहवाग के सबसे अच्छे दोस्त नेहरा: आशीष नेहरा के सबसे अच्छे दोस्त वीरेंद्र सहवाग हैं। दोनों लंबे समय तक एक साथ खेले। पहले दोनों दिल्ली के लिए खेले और बाद में टीम इंडिया के लिए। सहवाग ने एक बार बताया था कि दोनों एक साथ स्कूटर में बैठकर स्टेडियम जाया करते थे। इस दौरान एक व्यक्ति स्कूटर चलाता था और दूसरा व्यक्ति पीछे बैठकर किट संभालता था। वहीं नेहरा ने कहा था, वीरू तो यारों का यार है।

8. जब पब में झगड़ पड़े थे नेहरा: साल 2010 वर्ल्ड टी20 चैंपियनशिप की बात है, तब नेहरा और टीम इंडिया के कुछ अन्य क्रिकेटरों का एक क्लब में झगड़ा हो गया था। कुछ दर्शकों ने इस दौरान कहा था कि मैच हारने के बाद उनके द्वारा पार्टी करना खासा निराशाजनक है। इस बात को लकेर नेहरा समेत अन्य क्रिकेटरों की फैंस से हाथापाई तक हो गई थी। वैसे नेहरा ने व्यक्तिगततौर पर इस बात को कभी स्वीकार नहीं किया।

9. जब नेहरा ने बैट से जितवाया टीम इंडिया को मैच: नेहरा को उनकी बल्लेबाजी के लिए नहीं बल्कि गेंदबाजी के लिए जाना जाता है लेकिन उपयोगी बल्लेबाजी करने में वह माहिर हैं। एक बार उन्होंने इसी तरह से टीम इंडिया को मैच जितवाया था। बात साल 2002-03 इंग्लैंड दौरे की है जो टीम इंडिया के हिसाब से खासा खराब रहा था। उन्होंने टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद शुरुआती चारों वनडे गंवाए थे। ऑकलैंड में खेले गए छठवें वनडे में टीम इंडिया ने फिर से 9 विकेट गंवा दिए और नेहरा ने आखिरकार विनिंग रन बनाते हुए टीम इंडिया को जीत दिलवाई थी। यह दर्शकों के लिए आश्चर्य वाली बात इसलिए भी थी क्योंकि नेहरा की बल्लेबाजी पर बहुत कम लोगों को भरोसा था।

10. आशीष नेहरा अभी भी नहीं चला पाते स्मार्टफोन: नेहरा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पिछले कुछ दिनों तक पुराने नोकिया फोन का ही इस्तेमाल करते थे। लेकिन हाल ही में उन्होंने आईफोन इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है लेकिन उन्हें सिर्फ फोन उठाना और काटना ही आता है, उन्हें इंटरनेट में कोई दिलचस्पी नहीं है।