एडम गिलक्रिस्ट
एडम गिलक्रिस्ट

दुनिया के सबसे खतरनाक विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट आज 46 साल के हो गए। 14 नवंबर, 1971 को जन्मे गिलक्रिस्ट टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। गिलक्रिस्ट को दुनिया का सबसे खतरनाक विकेटकीपर बल्लेबाज माना जाता रहा है। गिलक्रिस्ट ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 3 (1999, 2003, 2007) बार विश्व विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। गिलक्रिस्ट के जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको उनसे जुड़ी 10 बड़ी बाते बताएंगे। आइए जानते हैं गिलक्रिस्ट की बड़ी बातें।

‘गिली’ और ‘चर्च’ हैं निकनेम: गिलक्रिस्ट को प्यार से ‘गिली’ और ‘चर्च’ भी बुलाया जाता था। गिली जहां उनके आखिरी नाम (गिलक्रिस्ट) से पड़ा तो वहीं चर्च उन्हें इसलिए कहा जाने लगा क्योंकि वो अक्सर चर्च जाया करते थे और वो काफी धार्मिक भी थे।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू: गिलक्रिस्ट ने अपना डेब्यू भारत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1996 में किया था। टाइटंस कप में खेले गए अपने पहले मैच में गिलक्रिस्ट कुछ खास नहीं कर पाए थे और सिर्फ 18 रन बनाकर आउट हो गए थे।

वर्ल्ड कप में है बेहतरीन रिकॉर्ड: गिलक्रिस्ट का वर्ल्ड कप में बेहद शानदार रिकॉर्ड रहा है। गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 31 मैचों में 36.16 के औसत से 1,085 रन बनाए हैं। इस दौरान गिलक्रिस्ट का स्ट्राइक रेट 98.01 का रहा है। इसके अलावा विश्व कप के फाइनल में तो गिलक्रिस्ट और भी खतरनाक हो जाते थे। 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ गिलक्रिस्ट ने 36 गेंदों में 57, 2003 में भारत के खिलाफ 48 गेंदों में 57 और साल 2007 में श्रीलंका के खिलाफ 104 गेंदों में 149 रनों की पारी खेली थी।

विश्व कप फाइनल में शतक लगाने वाले इकलौते विकेटकीपर: गिलक्रिस्ट के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड है। दरअसल, गिलक्रिस्ट विश्व कप के फाइनल में शतक लगाने वाले इकलौते विकेटकीपर हैं। गिलक्रिस्ट ने साल 2007 में श्रीलंका के खिलाफ 104 गेंदों में 149 रनों की पारी खेली थी और अपनी टीम को लगातार तीसरा विश्व कप जिताया था।

टेस्ट क्रिकेट में किया शानदार आगाज: गिलक्रिस्ट ने टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन आगाज किया था। गिलक्रिस्ट ने साल 1999 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच की पहली पारी में गिलक्रिस्ट ने 88 गेंदों में 81 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद दूसरे टेस्ट में उन्होंने 149* रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी थी।

गिलक्रिस्ट की थी शानदार फिटनेस: गिलक्रिस्ट की फिटनेस बेहतरीन थी। गिलक्रिस्ट की फिटनेस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि उन्होंने 5 नवंबर 1999 से लेकर 24 जनवरी 2008 तक हर टेस्ट खेले थे। इस दौरान वो हर मैच में विकेटकीपिंग ही करते थे।

कैच गिलक्रिस्ट, गेंद मैक्ग्रा: ऑस्ट्रेलियाई टीम में ये लाइन खासा आम हो गई थी। गिलक्रिस्ट और मैक्ग्रा की जोड़ी को सबसे खतरनाक माना जाता था। मैक्ग्रा और गिलक्रिस्ट ने मिलकर कुल 90 शिकार किए। ये जोड़ी रॉड्ने मार्श और डेनिस लिली की जोड़ी के रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 5 विकेट दूर रह गई थी।

गिलक्रिस्ट को माना जाता है सबसे ईमानदार क्रिकेटर: साल 2003 के विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने गिलक्रिस्ट के खिलाफ जोरदार अपील की थी लेकिन अंपायर ने गिलक्रिस्ट को नॉट आउट करार दे दिया। इसके बावजूद गिलक्रिस्ट पवेलियन की तरफ लौट गए। गिलक्रिस्ट की इस ईमानदारी ने सबको उनका मुरीद बना दिया था।

हर शतक में जीती है टीम: गिलक्रिस्ट के नाम वनडे क्रिकेट में 16 शतक हैं और दिलचस्प ये है कि जब भी गिलक्रिस्ट ने शतक लगाया है हर बार टीम को जीत मिली है। इसके अलावा गिलक्रिस्ट ने टेस्ट खेलने वाले हर देश के खिलाफ शतक जड़ा है।

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2008 में लिया था संन्यास: गिलक्रिस्ट ने साल 2008 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। गिलक्रिस्ट के नाम 96 टेस्ट मैच में 47.60 के औसत से 5,570 रन हैं। गिलक्रिस्ट ने 17 शतक, 26 अर्धशतक लगाए थे। वहीं 287 वनडे में गिलक्रिस्ट के नाम 35.89 के औसत से 9,619 रन बनाए हैं। गिलक्रिस्ट के नाम 16 शतक, 55 अर्धशतक हैं।