BCCI Annual Contracts: Grade C men cricketers get more fees than Grade A women cricketers
भारतीय महिला टीम 2017 विश्व कप की उप-विजेता रही है © Getty Images

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में खिलाड़ियों को सालाना कॉन्ट्रेक्ट की सूची जारी की है। जहां एक तरफ पुरुष क्रिकेट टीम की ए प्लस की नई कैटेगरी को जोड़ा गया है। इस कैटेगरी में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। पुरुष क्रिकेटरों के ग्रेड ए खिलाड़ियों को 5 करोड़, ग्रेड बी को 3 करोड़ और ग्रेड सी खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं महिला क्रिकेट टीम के ग्रेड ए खिलाड़ियों को पुरुष क्रिकेट टीम के ग्रेड सी खिलाड़ियों के भी कम फीस दी जाएगी।

निदास ट्रॉफी 2018, दूसरा टी20: भारतीय गेंदबाजी अटैक के सामने 139/8 पर सिमटा बांग्लादेश
निदास ट्रॉफी 2018, दूसरा टी20: भारतीय गेंदबाजी अटैक के सामने 139/8 पर सिमटा बांग्लादेश

बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रेक्ट में पहली बार महिला खिलाड़ियों की सूची में ग्रेड सी कैटेगरी को शामिल किया गया है। साथ ही खिलाड़ियों की फीस भी करीबन 200 प्रतिशत बढ़ा दी गई है लेकिन अभी भी महिला और पुरुष क्रिकेटरों की कमाई में जमीन आसमान का अंतर है। महिला क्रिकेट टीम की ग्रेड ए खिलाड़ियों को सालाना 50 लाख (ग्रेड सी पुरुष क्रिकेटरों की फीस का आधा हिस्सा) का भुगतान किया जाएगा। ग्रेड ए महिला क्रिकेटरों की सूची में कप्तान मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना जैसे दिग्गज खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व स्तर पर पहचान बनाई है। ये सभी खिलाड़ी पिछले साल इंग्लैंड में आयोजित विश्व कप से उप विजेता बनकर लौटी भारतीय टीम का हिस्सा हैं, फिर भी बीसीसीआई की ओर से इनके प्रति इस तरह की उदासीनता क्यों दिखाई जी रही है।

ग्रेड ए की महिला क्रिकेटरो को जहां 50 लाख दिया जाएगा, वहीं ग्रेड बी की खिलाड़ियों को 30 लाख और ग्रेड सी की खिलाड़ियों को केवल 10 लाख ही मिलेगा। पुरुष और महिला क्रिकेटरों की फीस के बीच का ये अंतर साफ दर्शाता है कि बीसीसीआई अब भी महिला क्रिकेट टीम को पुरुष टीम से कमतकर आंकता है। वैसे अगर पुराने कॉन्ट्रेक्ट पर गौर करें तो ग्रेड ए महिला खिलाड़ियों को केवल 15 लाख ही मिलते थे। उस हिसाब से बीसीसीआई ने एक कदम तो उठाया है लेकिन अब भी बहुत लंबा सफर तय करना है। आज जब सारी दुनिया महिला दिवस मना रही है। हर क्षेत्र में महिलाओं के योगदान का जश्न मनाया जा रहा है, वहां अब भी भारत की महिला क्रिकेटर अब भी पुरुषों के बराबर हक के लिए जूझती नजर आ रही हैं।