युवराज सिंह  © Getty Images
युवराज सिंह © Getty Images

कुछ रिकॉर्ड्स को टूटने में लंबा वक्त लगता है तो कुछ रिकॉर्ड एक मैच भी नहीं टिक पाते। एक समय जब रिचर्ड हैडली ने टेस्ट क्रिकेट में 431 विकेट चटकाने का कारनामा किया था तो उस दौर के समीक्षकों ने दावा किया था कि ये रिकॉर्ड शायद कभी ना टूटे, लेकिन कपिल देव ने 434 विकेट लेकर हैडली के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। अब तो गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट तक चटका चुके हैं। लेकिन इन उदाहरणों के बावजूद भी कुछ रिकॉर्ड्स ऐसे हैं जिनका टूटना लगभग नामुमकिन है। तो आइए जानते हैं ऐसे 10 रिकॉर्ड्स के बारे में जिनको शायद ही कोई खिलाड़ी तोड़ पाए।

1. सचिन तेंदुलकर के शतकों का शतक: सचिन तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में शतक का शतक बनाया। तेंदुलकर के 100 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ना लगभग नामुमकिन है। तेंदुलकर के इस रिकॉर्ड के सबसे करीब पहुंचने वाले खिलाड़ी रिकी पोंटिग रहे जिन्होने कुल 71 शतक बनाए यानी वो भी सचिन से 29 शतक पीछे रहे। तो इस रिकॉर्ड का टूटना लगभग नामुमकिन है। हालांकि तेंदुलकर ऐसा नहीं मानते हैं उनका मानना है कि विराट कोहली में वो काबिलियत है कि वो उनके 100 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। विराट अब तक कुल 36 शतक जमा चुके हैं।

2. डॉन ब्रेडमैन का 99.94 का औसत: टेस्ट करियर में 99.94 का औसत चौंक गए ना। डॉन ब्रेडमैन का ये रिकॉर्ड काफी लंबे समय से टिका हुआ है और कोई भी बल्लेबाज इसके आस पास भी नहीं फटक पाया है। ब्रेडमैन ने करियर में 99.94 की औसत से रन बनाए थे। ब्रेडमैन के बाद कोई भी बल्लेबाज इस औसत से रन नहीं बना पाया।

3.जिम लेकर का एक टेस्ट में 19 विकेट: जिम लेकर ने एक टेस्ट में 19 विकेट लेकर क्रिकेट का एक ना टूटने वाला कीर्तिमान बनाया था। ये रिकॉर्ड अभी भी जिम लेकर के नाम ही है। हालांकि अनिल कुंबले ने उनके एक पारी में 10 विकेट चटकाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी लेकिन एक टेस्ट में उनके सबसे ज्यादा विकेट चटकाने के उनके रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाए थे।

4.मुरलीधरन के 800 विकेट: श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के 800 टेस्ट विकेटों रिकॉर्ड भी उन रिकॉर्ड्स की लिस्ट में शामिल है जिनका टूटना लगभग असंभव है। मुरली ने 133 टेस्ट मैचों में 800 विकेट चटकाए थे।

5.ब्रायन लारा के एक पारी में 400 रन: टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के नाम है। लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 400 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इस रिकॉर्ड का टूटना भी लगभग नामुमकिन है। घरेलू क्रिकेट में लारा के 500 रनों का रिकॉर्ड भी अब तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है।

6. लारेंस रो का डेब्यू में प्रदर्शन: 150 साल इतिहास वाले टेस्ट क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज ने लारेंस रो जैसा शानदार प्रदर्शन अपने पहले मैच में नहीं किया है। वेस्टइंडीज के लारेंस रो ने 1971 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में 214 और 100 रन बनाए थे।

7. जाक कालिस का ऑलराउंडर प्रदर्शन: साउथ अफ्रीकन ऑलराउडर जाक कालिस के प्रदर्शन की बराबरी करना भी लगभग नामुकिन है। कालिस के नाम अपने इंटरनेशनल क्रिकेट में 25534 रन बनाने के अलावा 577 विकेट भी चटकाए थे। एक ऑलराउंडर के रूप में कालिस की सफलता को दोहरा पाना लगभग नामुमकिन है।

8. श्रीलंका का एक पारी में सबसे ज्यादा रन: श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टेस्ट मैच की एक पारी में 952-7 का स्कोर बनाया था। ये टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर था। श्रीलंका के रनों के इस मैमाथ स्कोर की बराबरी करना किसी भी टीम के लिए किसी असंभव चुनौती से कम नहीं है।

9. युवराज का सबसे तेज अर्धशतक: युवराज सिंह ने टी20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का कारनामा अंजाम दिया था। मौजूदा दौर के किसी भी खिलाड़ी के लिए इस रिकॉर्ड को तोड़ना लोहे के चने चबाने जैसा ही है।

10.ऑस्ट्रेलिया का विश्व कप में लगातार 33 जीत का रिकॉर्ड: ऑस्ट्रेलियाई टीम के विश्व कप में लगातार जीत के रिकॉर्ड भी शायद ही कोई टीम तोड़ पाए। ऑस्ट्रेलिया ने वनडे विश्व कप में लगातार जीत का रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार 33 विश्व कप मैचों में जीत हासिल की थी।