पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 197 गेंदों पर 72 रन बनाए  © AFP
पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 197 गेंदों पर 72 रन बनाए © AFP

रांची टेस्ट में जब खेल का चौथा दिन खत्म हुआ था तो ऑस्ट्रेलिया के सिर्फ 23 रन पर 2 विकेट गिर गए थे। सभी को लगा था कि खेल के पांचवें दिन टीम इंडिया टी ब्रेक से पहले रांची में तिरंगा लहरा देगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऑस्ट्रेलिया ने शानदार वापसी करते हुए रांची टेस्ट ड्रॉ करवा लिया। पहली पारी में टीम इंडिया ने चेतेश्वर पुजारा के दोहरे शतक और रिद्धिमान साहा के शतक के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऊपर 152 रनों की बढ़त बनाई थी। रांची की मुश्किल पिच पर दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने ना सिर्फ इस बढ़त को उतारा बल्कि सिर्फ 6 विकेट गंवाते हुए 204 रन बना डाले और अपनी हार टाल दी। आइए जानते हैं वो 5 बड़ी वजहें जिनके चलते टीम इंडिया के हाथ से रांची में जीत फिसल गई।

पहली वजह-लगातार दबाव बनाने में नाकाम: रांची टेस्ट की दूसरी पारी में टीम इंडिया के गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया पर दबाव नहीं बना सके। जडेजा ने तो अच्छी गेंदबाजी की लेकिन उन्हें दूसरे गेंदबाजों से मदद नहीं मिली। ईशांत शर्मा और उमेश यादव ज्यादा कारगर साबित नहीं हुए। ईशांत शर्मा की झोली में सिर्फ एक विकेट गया वहीं उमेश यादव एक भी विकेट नहीं ले सके। [भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, तीसरा क्रिकेट टेस्ट मैच, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें...]

दूसरी वजह- अश्विन का जादू नहीं चला: रांची टेस्ट ड्रॉ होने की दूसरी सबसे बड़ी वजह रही आर अश्विन की फिरकी का जादू ना चलना। रांची टेस्ट की दोनों पारियों में कुल मिलाकर अश्विन ने 64 ओवर फेंके जिसमें वो सिर्फ 2 ही विकेट अपने नाम कर सके। पिच स्पिनर्स को मदद दे रही थी, लेकिन बावजूद इसके अश्विन विकेट लेने में नाकाम रहे। अश्विन ने पूरे मैच में 185 रन दिए।

तीसरी वजह- विराट ने रणनीति: रांची टेस्ट ड्रॉ होने की वजह कहीं ना कहीं विराट कोहली की रणनीति भी रही। कप्तान विराट कोहली ने प्लेइंग इलेवन चुनने में गलती की। विराट रांची की पिच पर 4 गेंदबाजों के साथ उतरे। उन्होंने करुण नायर को टीम में जगह दी। विराट अगर टीम में एक और स्पिनर को मौका देते तो रांची टेस्ट का नतीजा टीम इंडिया के हक में जा सकता था। रांची में अश्विन के ना चलने पर कुलदीप यादव या जयंत यादव ऑस्ट्रेलिया को झटके दे सकते थे।

चौथी वजह- नरम गेंद और पिच: रांची टेस्ट के ड्रॉ होने की वजह नरम गेंद और पिच भी रही। विराट ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘रांची की पिच पर जब तक गेंद कठोर थी तभी तक ही स्पिनर्स को पिच से मदद मिली। लेकिन गेंद पुरानी और नरम होने पर दूसरे-तीसरे सेशन में फिरकी गेंदबाजों को मदद नहीं मिली’

पांचवीं बड़ी वजह- कंगारुओं की शानदार बल्लेबाजी: पहली पारी में कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ के नाबाद 178 रन और दूसरी पारी में पीटर हैंड्सकॉम्ब और शॉन मार्श के अर्धशतक ने ऑस्ट्रेलिया को बचा लिया। हैंड्सकॉम्ब ने 200 गेंदों में नाबाद 72 रनों की पारी खेली। वहीं शॉन मार्श ने भी 197 गेंदों में 53 रन बनाए।