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पहले केपटाउन में कटी नाक और अब सेंचुरियन में हार के साथ सीरीज जीतने की उम्मीदें हुई खाक। द.अफ्रीका में टीम इंडिया ने करोड़ों भारतीय फैंस के उस सपने को तोड़ दिया जिसे वो पिछले 25 सालों से संजोए हुए थे। टीम इंडिया ने कभी द.अफ्रीका में सीरीज नहीं जीती थी और विराट कोहली की सेना ने भी उसी दर्दनाक इतिहास को दोहरा दिया। केपटाउन में टीम इंडिया 72 रनों से हारी और दूसरे टेस्ट में उसने हार के फासले को और बढ़ाते हुए 135 रनों से हारने का कारनामा कर दिखाया।

वैसे अब इस सवाल के जवाब को तलाशने की जरूरत है कि क्या टीम इंडिया के टैलेंटेड खिलाड़ी विदेश में सीरीज जीतने के काबिल हैं? क्या टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ियों का टैलेंट सिर्फ अपने घर पर ही दिखता है? द.अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया पर खासकर 3 खिलाड़ियों पर सवाल जरूर उठता है, खासकर ये कि क्या ये खिलाड़ी टेस्ट खेलने के लायक हैं या फिर टीम इंडिया ने ऐसे ही अपने कथित टैलेंटेड खिलाड़ियों को ढोने का मन बनाया हुआ है। आइए एक नजर डालते हैं उन तीन खिलाड़ियों पर जिन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम इंडिया की टेस्ट टीम से हटाने की जरूरत है।

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1. पार्थिव पटेल- गुजरात के कप्तान पार्थिव पटेल चाहे घरेलू क्रिकेट में कितनी भी अच्छी बल्लेबाजी कर लें लेकिन सेंचुरियन में उन्हें खेलता देख एक बात तो साबित हो गई कि भैया टेस्ट क्रिकेट इनके बस की बात नहीं है। सेंचुरियन टेस्ट की दोनों पारियों में पार्थिव पटेल 19 रनों पर आउट हुए। चलिए बल्लेबाजी को आप एकतरफ रख दीजिए, पार्थिव पटेल की विकेटकीपिंग भी सेंचुरियन टेस्ट में सवालों के घेरे में दिखाई दी। पार्थिव पटेल ने अहम मौकों पर इस तरह कैच टपकाए कि टीम इंडिया के हाथों से सेंचुरियन टेस्ट के साथ-साथ सीरीज भी निकल गई। टीम इंडिया के सेलेक्टर्स को जल्द से जल्द पार्थिव पटेल को बैठाकर एक अच्छा विकेटकीपर तलाशने की जरूरत है क्योंकि ऋद्धिमान साहा की बल्लेबाजी भी विदेश में एक लोअर ऑर्डर बल्लेबाज की तरह ही दिखाई दी है और उनकी उम्र भी लगातार बढ़ रही है।

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2. ईशांत शर्मा- कहने को ईशांत शर्मा का कद 6 फीट 4 इंच है लेकिन द.अफ्रीका की तेज पिच पर फिर भी ये गेंदबाज टीम इंडिया के लिए विकेट नहीं निकाल सकता। पहले टेस्ट में बीमार होने के चलते ईशांत शर्मा को टीम में नहीं रखा गया, उनकी जगह भुवनेश्वर कुमार को मौका दिया गया। उन्होंने केपटाउन में जबर्दस्त गेंदबाजी के साथ-साथ अच्छी बल्लेबाजी भी की लेकिन ईशांत शर्मा के फिट होते ही भुवी को सेंचुरियन टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर निकाल दिया गया। जाने टीम इंडिया मैनेजमेंट को ईशांत शर्मा में ऐसा क्या दिख गया जो उन्होंने भुवनेश्वर कुमार को ही बैठा दिया। ईशांत शर्मा की तेजी और उछाल पर टीम इंडिया को बड़ा भरोसा था लेकिन शायद वो ये भूल गई कि ईशांत शर्मा फुके हुए कारतूस से ज्यादा कुछ नहीं। ईशांत शर्मा ने सेंचुरियन टेस्ट में पांच विकेट जरूर लिए लेकिन ये ऐसे वक्त में मिले जब टीम इंडिया के हाथ से मैच जा चुका था।

सेंचुरियन टेस्ट में हार के बाद टूटा दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने का सपना
सेंचुरियन टेस्ट में हार के बाद टूटा दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीतने का सपना
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3. रोहित शर्मा- सफेद गेंद हो, रंगीन कपड़े हों तो रोहित शर्मा के बल्ले की धमक अलग ही दिखती है लेकिन जब बात आती है टेस्ट क्रिकेट की तो रोहित शर्मा को सांप सा सूंघ जाता है। रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में भले ही तीन दोहरे शतक जमा चुके हों, मगर टेस्ट क्रिकेट में वो 50 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए तरसते हैं खासकर विदेशी सरजमीं पर। टीम इंडिया मैनेजमेंट ने रहाणे जैसे खिलाड़ी की जगह रोहित शर्मा को पहले दो टेस्ट में मौका दिया और रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया कि वो टेस्ट क्रिकेट खेलने के लायक नहीं हैं। विदेशी सरजमीं पर रोहित शर्मा का मामूली औसत इसका गवाह है। विदेश में रोहित शर्मा का औसत 25.35 है और घर पर उनका औसत 85.44 है।