सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर © Getty Images
सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर © Getty Images

क्रिकेट में फैंस की दीवानगी और उम्मीदें बढ़ती ही जाती हैं इसी तरह क्रिकेटरों में भी इस खेल को अपनी अगली पीढ़ी में पहुंचाने की चाहत होती है। एक क्रिकेटर की ये इच्छा होती है कि उसकी आने वाली पीढ़ी भी उसी स्टारडम का लुत्फ ले जो उसने खुद लिया। क्रिकेट में पिता और बेटे की ऐसी बहुत सी जोड़ियां हैं जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेला, लेकिन उनमें कुछ जोड़ियां ऐसी भी रही जो उम्मीदों के इस बोझ को सह नहीं सकी। आइए नजर डालते है ऐसे खिलाड़ियों पर जो क्रिकेट के इस खेल में पिता के साये में दब कर रह गए।

5.कोलिन क्राउड्रे और क्रिस क्राउड्रे (इंग्लैंड):

इंग्लैंड के महान बल्लेबाज कोलिन क्राउड्रे के बेटे क्रिस क्राउड्रे की तुलना उनके पिता से की जाती रही। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर 1984 में क्रिस ने इंग्लैंड टीम में जगह बनाई और पहले ही ओवर में कपिल देव को आउट कर सपनों सरीखी शुरूआत की लेकिन ये सिलसिला ज्यादा दिन तक नहीं चला और क्रिस का करियर अपने पिता की साये में दब गया। क्रिस इंग्लैंड के लिए सिर्फ 6 टेस्ट और 3 वनडे मैच खेल सके। उस दौर के कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने क्रिस को पिता कोलिन से अच्छा खिलाड़ी बताया पर अफसोस इंटरनेशनल क्रिकेट में क्रिस इसकी एक झलक भी ना दिखा सके।

4.लेन हटन और रिचर्ड हटन (इंग्लैंड):

सर लेन हटन के बेटे रिचर्ड हटन की कहानी भी कुछ यूं ही रही। स्कूल और कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर एक परफेक्ट ऑलराउंडर की भूमिका निभाने वाले रिचर्ड हटन अपने पिता की छाया और इंटरनेशनल क्रिकेट के दबाव को नहीं झेल सके, जिसकी वजह से उनका करियर मात्र 5 टेस्ट मैचों तक सिमट गया। यार्कशायर के लिए बोलिंग की शुरूआत करने वाले रिचर्ड ने फर्स्ट क्लास करियर में 625 विकेट चटकाने के अलावा लगभग साढ़े सात हजार रन भी बनाए, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका ये प्रदर्शन कायम ना रहा और वो भी एक सुपरस्टार क्रिकेट पिता के फ्लाप क्रिकेटर बेटे बन कर रह गए।

3.डेनिस लिली और एडम लिली (ऑस्ट्रेलिया):

अपनी पेस गेंदबाजी से हर बल्लेबाज के दिल में दहशत पैदा करने वाले डेनिस लिली के बेटे एडम लिली कभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सके। अपने पिता की तरह ही तेज गेंदबाजी करने वाले एडम के पास अपने पिता सरीखा पेस तो नही था लेकिन गेंद को हवा में मूव कराने की कला में वो माहिर थे। 1999 में ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड एलेवन के लिए खेलते हुए एडम ने पाकिस्तान के खिलाफ 29 रन देकर 3 विकेट झटके थे लेकिन इस मैच में भी उनके 50 वर्ष के पिता डेनिस लिली ने उनके प्रदर्शन को फीका करने वाली गेंदबाजी कर दी। 50 वर्ष के लिली ने मैच में 8 ओवर में सिर्फ 4 रन दिए और 3 विकेट भी चटकाए।

2.सुनील गावस्कर और रोहन गावस्कर (भारत):

भारत के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने क्रिकेट की दुनिया में जो मुकाम पाया उनके बेटे रोहन इसके आस पास भी नहीं पहुंच पाए। गावस्कर नाम जुड़ जाने का दबाव शायद रोहन से ज्यादा बेहतर कोई और ना बता सके। अपने पिता के उलट रोहन एक बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। घरेलू स्तर पर रोहन का रिकार्ड बेहतरीन तो नहीं ठीकठाक था और इसी ठीक ठीक प्रदर्शन के दम पर उन्होने भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का अवसर भी मिला लेकिन रोहन इस मौके को पूरी तरह भुना नही पाएं उन्होने 11 वनडे मैचों में सिर्फ 151 रन बनाएं।

1.विवियन रिचर्ड्स और मॉली रिचर्ड्स (वेस्टइंडीज):

दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में एक विवियन रिचर्ड्स के बेटे मॉली ने क्रिकेट की दुनिया में सपने सरीखी शुरूआत की 15 साल की उम्र में उन्होने एंटीगुआ के लिए शतक जमाया। 19 साल की उम्र में मॉली ने एंटीगुआ के लिए 319 रन की पारी को खेलकर उम्मीदों को आसमान पर पहुंचा दिया। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में मॉली जिस तेजी से ऊपर गए उतनी ही तेजी से नीचे भी गिरे। मॉली क्रिकेट के लिए जैसे ही यूनिवर्सिटी लेवल पर पहुंचे उनकी बल्लेबाजी का ग्राफ लगातार गिरने लगा और वो सेंकेंड टीम का हिस्सा बनकर रह गए। पिता की तरह ही बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज मॉली ने 11 प्रथम श्रेणी मैचों में सिर्फ 376 रन बनाएं। इस प्रदर्शन के दम पर तो कोई क्लब टीम भी उनको अपनी टीम में जगह नहीं देने वाली थी तो वह वेस्टइंडीज के लिए भी नहीं खेल सके।