टीम इंडिया © Getty Images
टीम इंडिया © Getty Images

विश्व क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका को चोकर्स के नाम से जाना जाता है क्योंकि आईसीसी टूर्नामेंट में वह अहम मौकों पर जीत हासिल नहीं कर पाती और दबाव में बिखर जाती है। लेकिन अब वर्ल्ड क्रिकेट में टीम इंडिया एक नई चोकर्स के रूप में उभरी है। पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल हारने के साथ ही टीम इंडिया ने इस बात पर यकीन दिलाया है कि वे दक्षिण अफ्रीका के बाद वर्ल्ड क्रिकेट के नए चोकर्स हैं। साल 2014 से अब तक टीम इंडिया चार आईसीसी टूर्नामेंट में नॉकआउट मैचों में हार झेलते हुए बाहर हुई है। इस दौरान दो बार टीम इंडिया फाइनल में हारी तो दो बार सेमीफाइनल में हारकर बाहर हुई। पिछले चार सालों में टीम इंडिया का सफर कैसा रहा। आइए हम आपको बताते हैं।

2014 वर्ल्ड टी20: 2014 वर्ल्ड टी20 में टीम इंडिया ने लीग स्टेज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया था। फाइनल में टीम इंडिया का सामना श्रीलंका से हुआ। लेकिन फाइनल मैच के दबाव में टीम इंडिया बिखर गई। विराट कोहली के अलावा अन्य कोई भारतीय बल्लेबाज श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना ढंग से नहीं कर पाया और पूरी टीम 20 ओवरों में 4 विकेट पर 130 रन ही बना पाई। कोहली 58 गेंदों में 77 रन बनाकर टॉप स्टोरर रहे। जवाब में श्रीलंका ने कुमार संगकारा के 35 गेंदों में 52* रनों की मदद से मैच 17.5 ओवरो में 4 विकेट खोकर जीत लिया और टीम इंडिया का दूसरा टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना धरा का धरा रह गया।

2015 विश्व कप: टीम इंडिया ने 2015 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और अपने रास्ते में आने वाली हर टीम को हराया। इस तरह शान से सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम इंडिया के जिन गेंदबाजों ने अबतक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पानी भरते नजर आए। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम ने स्टीवन स्मिथ के 105 और एरन फिंच के 81 रनों की बदौलत 50 ओवरों में 7 विकेट पर 328 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में टीम इंडिया के ओपनरों ने 12.5 ओवरों में 76 रन जोड़े। लेकिन जैसे ही धवन आउट हुए। विकटों की झड़ी लग गई और टीम इंडिया 46.5 ओवरों में 233 रनों पर ऑलआउट हो गई और मैच 95 रनों से हार गई। इस तरह टीम इंडिया के विश्व कप जीतने के सपने पर पानी फिर गया। [भारत बनाम पाकिस्तान, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, फुल स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें...] 

2016 वर्ल्ड टी20: टीम इंडिया साल 2016 वर्ल्ड टी20 में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। इस टूर्नामेंट में भी टीम इंडिया ने शानदार शुरुआत की और सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में टीम इंडिया का मुकाबला वेस्टइंडीज से हुआ। इस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली के 47 गेंदों में 89 की मदद से 20 ओवरों में 2 विकेट पर 189 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज ने भारतीय गेंदबाजी को धता बताते हुए मैच 19.4 ओवरों में 7 विकेट से जीत लिया। इस तरह लगातार तीसरे साल आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट मैच में बाहर होकर टीम इंडिया खिताब जीतने से महरूम रह गई।

2017 चैंपियंस ट्रॉफी: जिस तरह की फॉर्म में पिछले कुछ समय से टीम इंडिया चल रही थी उसे देखते हुए उसे इस टूर्नामेंट को जीतने का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में अच्छा खेल दिखाते हुए फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में पाकिस्तान और टीम इंडिया के बीच खेले गए मैच में 339 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया पूरी तरह से फीकी नजर आई। भारतीय टीम 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 30.3 ओवर में 158 रनों पर ढेर हो गई और मुकाबले को 180 रनों से हार गई। भारत की तरफ से हार्दिक पांड्या ने सबसे ज्यादा (76) रनों की पारी खेली। पांड्या ने अपनी पारी में 4 चौके और 6 छक्के जड़े।

लगातार चार सालों में चार बार टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट में नॉकआउट स्टेज में हारी है। जाहिर है कि जब वह अगले आईसीसी टूर्नामेंट में उतरेंगे तो उनका उद्देश्य इस धब्बे को छुटाने का होगा।