राहुर द्रविड़  © Getty Images
राहुर द्रविड़ © Getty Images

साल 2004 में भारत और पाकिस्तान के बीच पाकिस्तान में क्रिकेट सीरीज का आयोजन किया गया था। दोनों ही टीमें जबरदस्त फॉर्म में थीं। 13 मार्च को पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच कराची में आयोजित हुआ। मैच में पाकिस्तान के कप्तान इंजमाम उल हक के टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। उन्हें लगा था कि शायद सुबह की नमी और हल्की घास का उनके गेंदबाज फायदा उठा सकेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। सचिन तेंदुलकर ने शोएब अख्तर के पहले ओवर में चौका जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए।

सचिन- सहवाग ने दी तेज तर्रार शुरुआत: सचिन पूरे रंग में नजर आ रहे थे। तो दूसरे छोर से सहवाग ने मोर्चा संभाला और पारी के चौथे ओवर में मोहम्मद समी पर बरस पड़े और ओवर में तीन चौके जड़ दिए। भारतीय टीम का स्कोर 4 ओवरों में 37/0 हो गया। सचिन ने अगले ओवर में फिर से अख्तर की गेंद पर चौका जड़ दिया और सहवाग ने छठवें ओवर में फिर से समी के ओवर में दो चौके जड़े और टीम इंडिया के 6 ओवरों में 50 रन पूरे हो गए। दोनों छोरों से रनों की बरसात हो रही थी और गेंदबाज अपना सिर धुन रहे थे। इसी बीच सचिन तेंदुलकर ने पारी के नौंवे ओवर में फिर से शोएब अख्तर को निशाना बनाया और चौका जड़ दिया। अगली गेंद पर भी उन्होंने वैसा ही प्रयास किया। लेकिन गेंद बैट से लगते हुए प्वाइंट के क्षेत्र में हवा में चली गई और नवेद उल हसन ने शानदार कैच पकड़ते हुए सचिन को आउट कर दिया। सचिन ने 35 गेंदों में 28 रन बनाए और भारतीय टीम ने 69 रनों के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। [इतिहास के पन्नों से: जब आखिरी ओवर में 17 रन बनाकर भारत ने कंगारुओं का कर दिया था सूपड़ा साफ]

गांगुली सहवाग ने टी20 स्टाइल में की बल्लेबाजी: इसके बाद सौरव गांगुली सहवाग का साथ निभाने आए और दोनों ने अगले कुछ समय तक धमा- चौकड़ी मचा दी। दोनों ही छोरों से तेज- तर्रार बल्लेबाजी देखने को मिली। सहवाग ने आउट होने से पहले 57 गेंदों में 79 रन बनाए और पारी के 15वें ओवर में आउट हुए। गौर करने वाली बात है कि टीम इंडिया ने तब तक 142 रन बना लिए थे। सहवाग के रहने तक भारत का रन रेट 10 से ऊपर चल रहा था। सहवाग के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ बल्लेबाजी करने को आए। गांगुली और द्रविड़ ने आपस में अर्धशतकीय साझेदारी निभाई। गांगुली ने आउट होने के पहले 47 गेंदों में 45 रन बनाए और इस दौरान तीन चौकों के साथ दो गगनचुंबी छक्के जड़े। गांगुली के आउट होने के वक्त टीम इंडिया का स्कोर 214/3 था।

द्रविड़ और कैफ ने खेली जिम्मेदार पारी: अगले बल्लेबाज युवराज आए लेकिन वह ज्यादा देर तक टिक नहीं सके और तीन रन बनाकर आउट हो गए और टीम इंडिया ने 220 रनों पर अपना चौथा विकेट गंवा दिया। लेकिन इसके बावजूद द्रविड़ मैदान पर डटे रहे। द्रविड़ ने पांचवें विकेट के लिए मोहम्मद कैफ के साथ शतकीय साझेदारी निभाई और इस दौरान पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली। इस दौरान टीम इंडिया 300 के पार पहुंच गई और द्रविड़ अपने शतक के करीब पहुंचने लगे। इसी बीच द्रविड़ जब 99 रनों पर खेल रहे थे तो शोएब अख्तर की तेज गेंद पर वह क्लीन बोल्ड हो गए। भले ही द्रविड़ 99 रनों पर आउट हुए लेकिन टीम इंडिया तब तक बड़े स्कोर को प्राप्त कर चुकी थी और अंततः 50 ओवरों में 7 विकेट पर 349 रन बनाए।

इंजमाम और युसुफ ने किया करारा पलटवार: जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम ने 34 रनों के स्कोर पर ही अपने शुरुआती ओपनरों यासिर हमीद(7) और इमरान फरहत(24) को गंवा दिया। लेकिन अभी तो भूचाल आना बाकी था। युसुफ योहाना(वर्तमान में मोहम्मद युसुफ) और इंजमाम उल हक पिच पर जम गए और अगले कई ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों की खबर ली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 135 रन जोड़े और एस समय ऐसा लगने लगा कि मैच टीम इंडिया के हाथ से फिसल गया। लेकिन इसी बीच वीरेंद्र सहवाग जिन्हें पार्टटाइम गेंदबाज के तौर पर लाया गया था उन्होंने योहाना(73) को पठान के हाथों झिलवाते हुए टीम इंडिया को एक बड़ी सफलता दिलवा दी। लेकिन इंजमाम नहीं रुके और अपनी टीम को जीत की ओर ले जाने लगे। इंजमाम ने इस दौरान अपना शतक पूरा किया और शतक जड़ने के बाद दो गगनचुंबी छक्के जड़ दिए और इसी दौरान उन्होंने यूनुस खान के साथ चौथे विकेट के लिए भी शतकीय साझेदारी निभा डाली।

भारतीय टीम की जबरदस्त वापसी: पाकिस्तान 270 के पार जा चुका था और अब लक्ष्य उनके बेहद करीब नजर आ रहा था। भारतीय खेमे में परेशानी पसरी पड़ी थी। लेकिन इसी बीच मुरली कार्तिक ने इंजमाम को 122 के स्कोर पर आउट कर दिया और 278 के स्कोर पर पाकिस्तान का पांचवां विकेट गिर गया। इसके बाद तो भारतीय खेमे में जैसे जान सी आ गई और 45वें ओवर में युनुस खान(46) को आउट कर दिया और मैच अब अधर में लटकने लगा। हर दूसरे ओवर में मैच दोनों तरफ झुकने लगा। युनुस के आउट होने के बाद रज्जाक ने मोर्चा संभाला और बालाजी की गेंद पर छक्का जड़ दिया। अब पाकिस्तान 320 के पार पहुंच चुका था। लेकिन इसी बीच जहीर खान ने रज्जाक(27) को बोल्ड कर दिया और पाकिस्तान को छठवां झटका दे दिया।

इसके बाद अगले ओवर में जहीर ने शोएब मलिक (7) को भी आउट कर दिया। और अब पाकिस्तान के 49 ओवरों में 341 रनों पर 7 विकेट गिरा दिए। 50वें ओवर में पाकिस्तान को 8 रन बनाने थे और उनके 3 विकेट सुरक्षित थे। लेकिन नेहरा ने मोईन खान के क्रीज पर मौजूद होने के बावजूद ओवर में सिर्फ 3 रन दिए और पाकिस्तान 50 ओवरों में 8 विकेट पर 344 रन ही बना पाया और अंततः 5 रन से रोमांचक मैच हार गया। भारत की ओर से जहीर खान ने सर्वाधिक तीन और मुरली कार्तिक ने दो विकेट झटके।