सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर © Getty Images

सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर © Getty Images

बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस के 25 साल पूरे हो गए थे। इस मौके पर सिल्वर जुबली इंडिपेंडेंस कप कराने का फैसला लिया गया। बांग्लादेश की मेजबानी में खेले गए इस टूर्नामेंट में तीन टीमों ने भाग लिया। मेजबान बांग्लादेश के अलावा भारत और पाकिस्तान की टीमें आपस में भिड़ने को तैयार थी। भारत और पाकिस्तान ने लीग मैचों में बेहतरीन खेल दिखाया और बांग्लादेश को फाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। बेस्ट ऑफ थ्री के फाइनल में दो मैचों के बाद भारत और पाकिस्तान की टीम एक-एक मुकाबले को अपने नाम कर चुकी थी। ऐसे में तीसरे फाइनल के लिए रोमांच अपने चरमसीमा पर था। तीसरे फाइनल ने सभी की सांसों को रोक दिया था। सड़कें थम गईं थीं। उस सांस रोक देने वाले मुकाबले को भारत ने एक गेंद शेष रहते 3 विकेट से अपने नाम कर लिया था। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या हुआ था उस दिन और किसने लिखी थी टीम इंडिया के लिए जीत की पटकथा।

तीसरे फाइनल से पहले दोनों टीमों ने एक-एक फाइनल अपने नाम कर लिया था। तीसरे फाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पाक टीम को बल्लेबाजी का मौका मिला। पाक की तरफ से सईद अनवर और विस्फोटक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी सलामी जोड़ी के रूप में आए। दोनों ने टीम को धमाकेदार शुरुआत दी। अफरीदी ने आते ही एक चौका और एक छक्का जड़ अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। लेकिन इसी बीच भारत ने वापसी करते हुए अफरीदी को आउट कर पाक टीम को पहला झटका दे दिया। पाकिस्तान का पहला विकेट 30 रनों पर गिरा। वहीं तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए आमेर सोहेल भी जल्दी आउट हो गए और भारत ने 66 रन के योग पर पाक के दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। लेकिन एक छोर पर अनवर टिके हुए थे। अनवर का साथ देने आए इजाज अहमद। दोनों ही बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और अपनी टीम को संकट से उबारा। ये भी पढ़ें: साल 2017 में टीम इंडिया के सामने होंगी आईसीसी चैंपिंयस ट्रॉफी समेत कई चुनौतियां

इसी बीच अनवर ने अपना अर्धशतक पूरा किया और तेजी से रन बनाने लगे। वहीं दूसरे छोर पर टिके अहमद की निगाहें भी अब जम चुकीं थीं और वह भी तेज गति से रन बनाने लगे। दोनों ही बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाज असहाय नजर आ रहे थे। कप्तान अजहरुद्दीन के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आईं थीं। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया और अपने-अपने शतक ठोक डाले। पाक टीम अब विशाल स्कोर की तरफ बढ़ चुकी थी। लेकिन इसी बीच जवागल श्रीनाथ ने अहमद का विकेट झटककर भारत को कुछ राहत दी। लेकिन आउट होने से पहले अहमद अपना काम कर चुके थे और 117 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी।

लेकिन सलामी बल्लेबाज अनवर हर गेंदबाज को अपने रडार पर रखे हुए थे। इसी बीच पाक का स्कोर 300 के पार पहुंच गया। अनवर ने आउट होने से पहले 132 गेंदों में 140 रनों की पारी खेली। पाकिस्तान ने 48 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 314 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। वहीं अजहरुद्दीन ने कुल सात गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। पाक खेमे में सुकून देखा जा रहा था और वो अपनी जीत को लेकर आश्वस्त लग रहे थे।

लेकिन कहते हैं भाग्य भी बहादुरों का साथ देता है। टीम इंडिया इतने बड़े स्कोर के सामने झुकी नहीं। भारत की तरफ से जैसे ही सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी मैदान पर आई, भारतीय समर्थकों ने गर्मजोशी के साथ दोनों का स्वागत किया। दर्शकों का समर्थन दोनों बल्लेबाजों के लिए किसी ढाल से कम नहीं था। क्रीज पर आते ही दोनों ही बल्लेबाजों ने आक्रामक क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। खासकर सचिन ने हर गेंदबज के खिलाफ लगातार शॉट खेले और पाक टीम के कंधों को झुका दिया। सचिन और सौरव ने टीम को मजबूत और तेज शुरुआत दी। जब सचिन मैदान पर टिकते नजर आ रहे थे तभी शाहिद अफरीदी ने उन्हें कैच आउट कर भारत को पहला झटका दिया। सचिन ने आउट होने से पहले 26 गेंदों में 41 रन बनाए। सचिन ने इस दौरान 7 चौके और एक छक्का जड़ा।

तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए रॉबिन सिंह ने सौरव का साथ दिया और टिककर रन बनाने लगे। इसी बीच सौरव गांगुली ने अपना अर्धशतक पूरा किया। सौरव गांगुली अब आक्रामक रुख अख्तियार कर चुके थे। गांगुली हर गेंदबाज के खिलाफ रन बना रहे थे। वहीं रॉबिन सिंह भी दूसरे छोर से तेज बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों छोर से तेज रन बन रहे थे और इसी कारण पाक गेंदबाज भारतीय टीम पर दबाव बनाने में विफल साबित हो रहे थे। दोनों की बल्लेबाजी ने भारत को जीत की उम्मीद बांध दी थी। इसी बीच सौरव गांगुली ने अपना शतक पूरा कर लिया। लेकिन इसी बीच शानदार खेल रहे रॉबिन सिंह 83 गेंदों में 82 रन बनाकर आउट हो गए।

सिंह ने अपनी पारी में 4 चौके और 2 छक्के लगाए। हालांकि टीम मजबूत स्थिति में थी और भारत का स्कोर 38.1 ओवर में 250 पर दो विकेट था। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए अजहरुद्दीन सिर्फ चार बनाकर आउट हो गए और पाकिस्तान टीम में खुशी की लहर दौड़ गई। अभी टीम के स्कोर में 6 रन और जुड़े थे कि रन गति को बढ़ाने के चक्कर में शतकवीर गांगुली भी पवेलिय लौट गए। पाकिस्तान फिर से मैच में वापस आ चुका था और भारत बैकफुट पर आ गया था। इसके बाद भारत ने नवजोत सिद्धू और अजय जडेजा के विकेट भी खो दिए और भारत संघर्ष करने लगा। पाक टीम को अब जीत की खुशबू आने लगी थी। लेकिन कांतिकर और नयन मोंगिया ने आखिरी ओवरों में तेज रन बनाए। मोंगिया इसी बीच 6 गेंदों में 9 रन बनाकर रन आउट हो गए। भारत के सात विकेट गिर चुके थे और स्कोर 307 रन था। रोमांच अपने चरम पर था और स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक सन्न था। आखिरी ओवर में भारत को जीतने के लिए कुल 9 रन बनाने थे और टीम के 3 विकेट सुरक्षित थे। क्रीज पर थे कांतिकार और दूसरे छोर पर श्रीनाथ। पहली गेंद पर कांतिकार ने एक रन लिया। ये भी पढ़ें: तीनों ही प्रारूपों में अच्छा कर सकता हूं, मौके का इंतजार: चेतेश्वर पुजारा

अब टीम को पांच गेंदों में जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। ड्रेसिंग रूम में भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे मुरझाए हुए थे। दूसरी गेंद पर श्रीनाथ ने गेंद को उठा कर खेला और दोनों बल्लेबाजों ने दो रन दौड़े। अब भारत को चार गेंदों में 6 रन चाहिए थे। श्रीनाथ फिर से क्रीज पर थे। तीसरी गेंद पर श्रीनाथ ने फिर से हवा में शॉट खेला गेंद 30 गज के गोले के अंदर तीन खिलाड़ियों के बीच गिरी लेकिन कोई भी कैच नहीं कर सका। फिर से दोनों खिलाड़ियों ने दो रन चुरा लिए थे। भारत को अब जीत के लिए 3 गेंदों में 4 रनों की दरकार थी। तीसरी गेंद में श्रीनाथ ने एक रन लिया और अब जीत के लिए दो गेंदों में 3 रन चाहिए थे। कांतिकार के पास स्ट्राइक थी। कांतिकार ने पांचवीं गेंद पर उठाकर शॉट खेला और गेंद सीमारेखा के बाहर चली गई। भारत ने इसी के साथ इस रोमांचक मुकाबले को अपने नाम कर लिया था। दोनों खिलाड़ियों ने जीक के बाद बधाई दी। वहीं ड्रेसिंग रूम में जीत का जश्न मनाने जाने लगा था। सौरव गांगुली को मैन ऑफ द मैच और सचिन तेदुलकर को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।