छक्का जड़ते हुए युवराज सिंह © Getty Images
छक्का जड़ते हुए युवराज सिंह © Getty Images

साल 2009 में श्रीलंका ने दो टी20I मैच खेलने के लिए भारत का दौरा किया। पहला टी20 मैच नागपुर में खेला गया। इस मैच में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी के परखच्चे उड़ा दिए। खासकर कुमार संगकारा कुछ ज्यादा ही आतिशी नजर आए और उन्होंने 37 गेंदों में 78 रन ठोकते हुए टीम के स्कोर को 20 ओवरों में 215/5 तक पहुंचा दिया। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की ओर से गौतम गंभीर 55(26) के अलावा कोई अन्य भारतीय बल्लेबाज खास नहीं कर सका और पूरी पारी 186/9 तक रुक गई और टीम इंडिया को 29 रनों से हार का सामना करना पड़ा। चूंकि टीम इंडिया ने हार का कड़वा घूंट पी लिया था इसलिए दूसरे टी20I में जीत हर हालत में हासिल करना जरूरी थी।

दूसरा टी20 मैच मोहाली में खेला गया। मैच में श्रीलंका ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। लेकिन इस मैच में फिर से श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के परखच्चे उड़ा दिए। शुरुआत जयसूर्या से हुई और उन्होंने 21 गेंदों में 31 रन ठोकते हुए दूसरे विकेट के लिए संगकारा 59(31) के साथ 45 गेंदों में 87 रन जोड़े। इस तरह श्रीलंका का स्कोर आसमान छूने लगा। अंततः श्रीलंका ने 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 206 रन बनाए। ये 206 रनों का स्कोर टीम इंडिया के लिए कतई आसान नहीं होने वाला था क्योंकि इसके पहले मैच में भी टीम इंडिया 200 से ऊपर का स्कोर चेज करने में असफल रही थी। लेकिन इस मैच में टीम इंडिया के जांबाज कुछ और ही मूड के साथ उतरे थे। सहवाग- गंभीर ओपनिंग के लिए आए। [ये भी पढ़ें: आया था मैच देखने और ऑस्ट्रेलिया के लिए फील्डिंग करने लगा]

1. सहवाग ने दी धमाकेदार शुरुआत: सहवाग ने पहले ओवर से ही अपने हाथ दिखाने शुरू कर किए जब उन्होंने वीरारत्ने की अंतिम गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का जड़ दिया। अगले ओवर में गौतम गंभीर के बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई गेंद थर्डमेन बाउंड्री के बाहर चार रनों के लिए चली गई और इस तरह वह लकी रहे। भारत ने अब दो ओवरों में 9 रन बना लिए थे लेकिन चेज अभी मीलों दूर था। सहवाग इस बात को भलीभांति जानते थे कि रन रेट के गियर पर तो पैर रखना ही होगा। तीसरे ओवर में उन्होंने फिर से वीरारत्ने की गेंद पर ऑफ स्टंप के बाहर जगह बनाई और गेंद को एक्सट्रा कवर के ऊपर से छह रनों के लिए खेल दिया।

अगली गेंद पर सहवाग ने फिर से हवा में स्ट्रोक खेल दिया। गेंद ज्यादा हवा में चली गई, दो फील्डर दिलहरा फर्नांडो और जयसूर्या गेंद को कैच करने के लिए दौड़े लेकिन दोनों के बीच मिस- अंडरस्टेडिंग हो गई। दोनों ने कैच नहीं पकड़ा और गेंद बीच में ही गिर गई। इस तरह वीरेंद्र सहवाग को जीवनदान मिल गया। भारत का स्कोर 3 ओवरों में 29/0 हो चुका था और पारी धीरे- धीरे आकार ले रही थी। अगली ओवर मे गंभीर ने एक टाइट रन लेने की कोशिश की, मैथ्यूज ने डायरेक्ट हिट मारी लेकिन मिस कर गए। अगर ये गेंद स्टंप्स पर लग जाती तो गंभीर जाहिर तौर पर आउट थे। लेकिन भाग्य टीम इंडिया के साथ था।

सहवाग ने इसी ओवर की पाचवीं गेंद पर अपने कदमों का इस्तेमाल करते हुए गेंद को स्ट्रेट डाउन द ग्राउंड चार रनों के लिए खेल दिया। टीम इंडिया का स्कोर अब चार ओवरो में 38 रन हो चला था। पारी के छठवें ओवर में सहवाग ने चौका जड़कर भारत के 50 रन पूरे किए। लेकिन इसी ओवर में गंभीर तीसरा रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। गंभीर 21(18) के व्यक्तिगत स्कोर के साथ पवेलियन लौट गए। भारत का स्कोर 6 ओवरों में 58/1 हो चला था और 14 ओवरों में 9.66 के रन रेट के साथ टीम इंडिया को अभी भी 149 रन बनाने थे। अब सहवाग का साथ निभाने के लिए इंडियन कैप्टन एमएस धोनी आए। धोनी ने आते ही मैथ्यूज की गेंद पर स्क्वेयर लेग का चौका जड़ दिया। अगली गेंद पर धोनी ने हेलीकॉप्टर शॉट के सहारे छह रन बटोरे। इसी ओवर में जब सहवाग को स्ट्राइक मिली तब उन्होंने फिर से चौका जड़ दिया। गौर करने वाली बात है कि इस ओवर में आए दो चौके मिसफील्ड के तहत आए थे। इसी दौरान सहवाग ने अपने 50 रन 27 गेंदों में पूरे किए। मैथ्यूज के अगले ओवर में सहवाग ने फिर से एक छक्का और एक चौका जड़ा और टीम इंडिया का स्कोर 10 ओवरं में 104/1 हो गया। लेकिन इसी बीच 11वें ओवर में वीरारत्ने के हाथों झिलवाते हुए मलिंगा ने सहवाग को आउट कर दिया। सहवाग ने 36 गेंदों में 64 रन बनाए।

2. युवराज सिंह ने बरपा दिया कहर: अगले बल्लेबाज युवराज सिंह आए। लेकिन अभी धोनी धमाल मचाने में जुटे हुए थे। धोनी ने 12वें ओवर की तीसरी गेंद पर फिर से छक्का जड़ दिया। चूंकि अब टीम इंडिया का रिक्वायर रेट 10 के ऊपर हो चला था इसलिए युवराज ने जिम्मेदारी संभाली और पारी के 13वें ओवर में वह वीरारत्ने पर बरस पड़े और ओवर में एक चौका और एक छक्का जड़ दिया। ये दोनों ही शानदार शॉट थे जो बता रहे थे कि युवराज आज कुछ खास करने वाले हैं। इसी ओवर की अंतिम गेंद पर युवराज ने फिर से छक्का जड़ दिया। गेंद के साथ स्कोर भी हवा से बातें कर रहा था और अब टीम इंडिया का स्कोर 13 ओवरों में 142/2 हो चला था। युवराज ने पारी के 16वें ओवर में फिर से अपने हाथ खोले और कुलशेखर की दूसरी गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का जड़ दिया। यही नहीं तीसरी गेंद पर उन्होंने लॉन्ग ऑन के ऊपर से गेंद को हवा में खेला और गेंद गोता लगाते हुए दर्शक दीर्घा में गिरी। पूरा स्टेडियम युवराजमय हो चला था।

अगली गेंद पर युवराज ने फिर से गेंद को हवा में खेला और गेंद चार रनों के लिए लॉन्ग ऑफ के दिशा में चली गई। अंतिम गेंद पर युवराज ने लॉन्ग ऑन और लॉन्ग ऑफ के बीच से चार रनों के लिए गेंद बाउंड्री लाइन के बाहर मार दी। अगले ओवर में युवराज ने 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। यह युवराज का टी20I में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक था। भारत की ओर से दूसरा सबसे तेज टी20I में अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड गौतम गंभीर के नाम है जिन्होंने 19 गेंदों में अर्धशतक जमाया था। इसी ओवर में धोनी 28 गेंदों में 46 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन तब तक मैच टीम इंडिया के हाथ में आ गया था। भारत ये मैच अंततः 19.1 ओवरों में 6 विकेट से जीत लिया। युवराज सिंह 25 गेंदों में 60 रन बनाकर नाबाद रहे। इस दौरान उन्होंने 3 चौके और 5 छक्के जड़े। इस तरह भारत ने टी20I सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।