Why teams want to finish on top 2 position in IPL, Know benefit of qualifiers
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इंडियन प्रीमियर लीग में आठ टीमों के बीच घमासान देखने को मिलता है। सभी टीमों की नजरें टॉप की दो जगह पर होती है। हर टीम लीग स्टेज खत्म होने पर पहले या दूसरे पायदान पर रहना चाहती है।

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आईपीएल में आठ टीमों के बीच दो-दो मुकाबले खेले जाते हैं। एक मैच टीम अपने घर पर खेलती है जबकि एक बाहर जाकर। कुल 16 मैच खेलने के बाद प्वाइंट्स टेबल पर रहने वाली टॉप की चार टीमों के आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

क्वालीफायर टीमों को फायदा

प्वाइंट्स टेबल पर सबसे ज्यादा अंक लेने वाली दो टीमें क्वालीफायर में प्रवेश करती हैं जबकि आखिरी की दो टीमें एलिमिनेटर में जगह बनाती हैं। क्वालीफायर में पहुंचने वाली दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला होता है जिसे जीतने वाली टीम सीधा फाइनल में पहुंचती है जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलता है।

एलिमिनेटर के नुकसान

जो दो टीमें एलिमिनेटर में जगह बनाने में कामयाब होती है उसके लिए मुकाबला क्वार्टर फाइनल जैसा होता है। जीतने वाली टीम ट्रॉफी तरफ एक और कदम बढ़ाती है जबकि हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाता है। जो टीम एलिमिनेटर में जीत दर्ज करती है उसका मुकाबला क्वालीफायर में हारने वाली टीम से होता है। यह एलिमिनेटर टीम के लिए सेमीफाइनल जैसा होता है जहां जीत हासिल करने के बाद उसे आईपीएल के फाइनल में जगह मिलती है।

आईपीएल 2018 की क्वालीफायर टीमें

इस साल के आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स की टीमों ने क्वालीफायर में जगह बनाई है। दोनों के बीच 22 मई को खेले जाने वाले मुकाबले की विजेता टीम फाइनल में जाएगी जबकि हारने वाली टीम को एक और मोका मिलेगा।

आईपीएल 2018 की एलिमिनेटर टीमें

इस साल कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम प्वाइंट्स टेबल पर तीसरे जबकि राजस्थान रॉयल्स की टीम चौथे स्थान पर रही है। इन दोनों ही टीमों के बीच 23 मई को मैच खेला जाएगा। जो टीम हार जाएगी वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी जबकि जीतने वाली टीम को फाइनल में जगह पक्की करने के लिए क्वालीफायर में हारी टीम के साथ खेलना होगा।