World Cup 1983: BCCI didn’t have money to reward, Lata Mangeshkar raised 20 lakh from concert to help ailing board
Lata Mangeshkar (File Photo) © Getty Images

25 जून 1983, ये वो तारीख है जो आज भी इतिहास के पन्‍नों में दर्ज है। इसी दिन भारतीय टीम ने दो बार की विश्‍वविजेता वेस्‍टइंडीज को फाइनल मुकाबले में हराकर पहली बार विश्‍वकप अपने नाम किया था। पहले बल्‍लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 183 रन बनाए। लक्ष्‍य का पीछा करने उतनी वेस्‍टइंडीज के लिए ये स्‍कोर बनाना बड़ी बात नहीं थी। भारतीय गेंदबाजों ने अच्‍छा प्रदर्शन किया। वेस्‍टइंडीज को 140 के स्‍कोर पर ही ऑलआउट कर भारत ने 43 रन से जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक घटना को बीते अब 35 साल का वक्‍त बीत चुका है। कपिल देव के बाद साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्‍तानी में भारत ने दूसरी बार विश्‍वकप अपने नाम किया।

'इंग्लैंड दौरे पर ये अब तक की सबसे संतुलित भारतीय आक्रमण'
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भारत ने 1983 में पहला विश्‍वकप जीता, इस बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन क्‍या भारत के क्रिकेट फैन्‍स इस बात से वाकिफ हैं कि उस वक्‍त बीसीसीआई की माली हालत इस कदर खराब थी कि उनके पास अपने खिलाड़ियों को इनाम देने के लिए भी पैसा नहीं था। देश में खुशी का माहौल था पर माली हालत खराब होने के कारण बीसीसीआई के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष एनकेपी साल्‍वे काफी तनाव में थे।

याहू क्रिकेट की खबर के अनुसार साल्‍वे ने इस गंभीर स्थिति से निकलने के लिए सुरों की मलिका लता मंगेशकर से मदद मांगी। भारतीय टीम की जीत के जश्‍न के लिए दिल्‍ली में लंता मंगेशकर का एक कांसर्ट आयोजित किया गया। इस कांसर्ट से 20 लाख रुपए की कमाई हुई। जिससे भारतीय टीम को बतौर इनाम एक-एक लाख रुपये दिए गए।

भारत की इस जीत के वक्‍त पूर्व विकेटकीपर बल्‍लेबाज फारुख इंजीनियर बीबीसी के स्‍टूडियो में थे। उन्‍होंने कहा मुझे इस बात पर जरा भी शक नहीं है कि इस जीत पर प्रधानमंत्री इंडिया गांधी एक दिन की छुट्टी की घोषणा करेंगी। बीबीसी पर ऐसा बोलने के पांच मिनट बाद ही इंडिरा गांधी ने एक दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा भी कर दी थी।