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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर स्पोर्ट पार्क मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार के पहले सत्र में बेअसर साबित होने वाले भारतीय गेंदबाजों ने रविचंद्रन अश्विन की अगुवाई में आखिरी के दो सत्र में अच्छी वापसी की और मेजबान टीम को परेशानी में डाल दिया। एक समय मजबूत स्थिति में दिखने वाली मेजबान टीम ने दिन का अंत 90 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 269 रनों के साथ किया है। तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जाने वाली इस पिच पर अश्विन हावी रहे। स्टम्प्स तक कप्तान फाफ डु प्लेसी 25 और केशव महाराज 10 रन बनाकर खेल रहे हैं। पहले सत्र में बिनी किसी विकेट खोए 78 रन बनाने वाली दक्षिण अफ्रीका ने दिन के दूसरे सत्र में दो और आखिरी सत्र में चार विकेट खोए।

मार्करम की जबर्दस्त बल्लेबाजी
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। पहले सत्र में एडिन मार्करम (94) और डीन एल्गर (31) ने मेजबानों को सधी हुई शुरुआत दी। इस जोड़ी को पहले दिन भारत के लिए सबसे ज्यादा तीन विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर अश्विन ने दूसरे सत्र में 85 के कुल स्कोर पर तोड़ा। एल्गर मुरली विजय के हाथों लपके गए। हाशिम अमला (82) और मार्कराम ने टीम का स्कोरबोर्ड को अच्छी तरह से चलाया। मार्करम अपने शतक से छह रन दूर थे तभी अश्विन की गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर पार्थिव पटेल के हाथों में जा समाई। मार्करम ने 150 गेंदों की अपनी पारी में 15 चौके लगाए।

ए बी डीविलियर्स अपने खाते में 20 रन ही जोड़ पाए थे कि ईशांत शर्मा ने उन्हें बोल्ड कर दिया। वो 199 के कुल स्कोर पर आउट हुए। अमला दूसरे छोर पर भारतीय गेंदबाजों का अच्छे से सामना कर रहे थे, लेकिन वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होकर पैवेलियन लौट लिए। पंड्या की गेंद को अमला ने पास ही में खेला और रन लेने की कोशिश की लेकिन पांड्या ने अपनी तेजी दिखाई और गेंद उठाकर सीधे स्टम्प पर थ्रो मारी और अमला की पारी का अंत किया। अमला ने 153 गेंदों पर 14 चौके लगाए और 82 रन बनाए।

अश्विन ने एक बार फिर अपना जलवा दिखाया और बाएं हाथ के बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक को खाता खोले बगैर स्लिप में भारतीय कप्तान विराट कोहली के हाथों कैच कराया। 250 के कुल स्कोर पर मेजबान टीम ने अपने पांच विकेट खो दिए थे।

वेर्नोन फिलेंडर क्रिज पर थे, लेकिन एक रन बाद अपनी गलती से रन आउट हो कर पैवेलियन लौट लिए। पंड्या की गेंद फिलेंडर के बल्ले का किनारा लेकर कीपर और मिडविकेट पर खड़े फील्डर के बीच में गई और फिलेंडर बिना देखे दौड़ पड़े। दूसरे छोर पर खड़े डु प्लेसिस लगातार फिलेंडर को रन लेने के लिए मना कर रहे थे। इसी हड़बड़ी के बीच पंड्या ने गेंद पार्थिव को दी जिन्होंने फिलेंडर को पैवेलियन भेजा। भारत की तरफ से अश्विन के अलावा ईशांत ने एक विकेट लिया।