Aditya Verma says I will recuse if my son is selected for Bihar Ranji team
Aditya Verma © IANS (File Photo)

गैरमान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा ने एक अहम फैसला लिया है। उन्होंने साफ किया कि अगर उनके बेटे का सलेक्शन सितंबर में होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने वाली राज्य टीम में होता है तो वह क्रिकेट प्रशासन से खुद को अलग कर लेंगे।

वर्मा 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुख्य याचिकाकर्ता थे और उम्मीद है कि जब बिहार क्रिकेट की एकीकृत इकाई का गठन होगा तो उसमें उनकी भूमिका अहम होगी। उनके रास्ते में उनके बेटे लखन राजा की क्रिकेट महत्वाकांक्षा आड़े आ सकती है। राष्ट्रीय क्रिकेट में बिहार की वापसी से संभावना है कि लखन प्रथम श्रेणी में अपने गृह राज्य से खेलें। वर्मा ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे पता है कि अगर मेरा बेटा लखन राजा बिहार के लिए खेलता है तो यह हितों के टकराव का मुद्दा हो सकता है। जाहिर है, अगर उसे विजय हजारे ट्रॉफी के लिए चुना जाता है, तो मैं खुद को क्रिकेट प्रशासन से दूर कर लूंगा। अगर वह एक किसी दूसरे राज्य के लिए खेलता है, तो मुझे लगता है कि मैं अपने गृह राज्य की इकाई में एक अधिकारी के रूप में काम जारी रख सकता हूं।’’

लखन बाएं हाथ का सलामी बल्लेबाज और काम चलाऊ ऑफ स्पिनर है जो मुंबई में क्लब क्रिकेट खेलता है। उसे आईपीएल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स के नेट पर गेंदबाजी करते भी देखा गया है। आदित्य वर्मा को उम्मीद है उनका बेटा राज्य की टीम में जगह बना लेगा। वर्मा का मानना है कि बतौर सचिव रहते बेटे के क्रिकेट करियर में मुश्किलें आ सकती हैं लिहाजा वह बेटे के लिए इस पद को छोड़ने का फैसला लेने से पीछे नहीं हटेंगे।