BCCI agreed to switch Champions Trophy to World T20 to secure “three times more revenue”, says Amitabh Choudhary

आईसीसी ने 2018 से 2023 तक के लिए जारी किए क्रिकेट शेड्यूल में चैंपियंस ट्रॉफी को जगह ना देकर एक नई टी20 लीग को जोड़ा है। पिछले कुछ समय से चैंपियंस ट्रॉफी को बंद किए जाने की खबरें आ रही थी लेकिन इस तरह अचानक इस बड़े टूर्नामेंट को रद्द करने के बाद बोर्ड पर कई सवाल उठ रहे हैं। बीसीसीआई सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी ने कहा है कि बोर्ड ने तीन गुना ज्यादा रेवेन्यू पाने के लिए चैंपियंस ट्रॉफी की जगह टी20 टूर्नामेंट का समर्थन किया।

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इंडियन एक्सप्रेस को दिए बयान में बीसीसीआई सेक्रेटरी ने कहा, “चैंपियंस ट्रॉफी भारत को 15 मैच देता। एक मैच के मेजबानी की फीस 0.75 मिलियन डॉलर है। इसलिए कुल फीस 11.25 मिलियन डॉलर (77.29 करोड़) होगी। ये फीस आईसीसी बोर्ड को देता। वहीं विश्व टी20 टूर्नामेंट में 45 मैच होंगे, जिसकी कुल फीस 33.75 मिलियन डॉलर (करीबन 232 करोड़) होगी। दूसरे विकल्प में भारत को तीन गुना ज्यादा रेवेन्यू मिलेगा। साथ ही मैचों की संख्या भी तीन गुना बढ़ने से भारत को तीन गुना ज्यादा गेट मनी मिलेगा। आखिरी फैसले से पहले मैं इस मामले पर जनरल बॉडी के पास ले जाउंगा।”

सीओए के स्रोत के मुताबिक 2016 में जब बीसीसीआई ने विश्व टी20 टूर्नामेंट का आयोजन किया था तो बोर्ड को 190 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस पर चौधरी ने कहा, “जिस शख्स ने वो फैसला लिया था वो मैं नहीं था। सबसे अहम बात ये है कि वो स्रोत ये समझे किस वो जिस समिति के लिए काम कर रहे हैं, उसे केवल लोढ़ा समिति की सिफारिशें और 18 जुलाई 2016 को दिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश लागू करने के लिए रखा गया है। 2021 में क्या होगा, वो इसकी चिंता ना करें।”

नए टी20 टूर्नामेंट के स्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए चौधरी ने कहा, ” चैंपियंस ट्रॉफी आठ टीमों के बीच खेली जाती है, चार टीमों के दो पूल। कुल मिलाकर 15 मैच होते हैं। फॉर्मेट बदलने के बाद कुल टीमों की संख्या 14 हो गई है, एक पूल में सात टीमें। एक पूल के कुल 21 मैच होंगे, जिसका मतलब कुल 42 ग्रुप मैच होंगे। जिसके बाद दो सेमीफाइनल और एक फाइनल मिलाकर 45 मैच होंगे। टूर्नामेंट भारत में होगा। हमारे पास दो विकल्प हैं या तो इसे स्वीकार करें या छोड़ दें।”