BCCI gives nod to DRS in IPL-11
IPL Trophy

फील्‍ड अंपायर के निर्णयाेें में लगातार हो रही गलती में सुधार के लिए आइसीसी ने डीआरएस सिस्‍टम को अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में लागू किया। नए नियम के तहत ग्राउंड में मौजूद खिलाड़ी अंपायर के निर्णय से नाखुश होने पर तीसरे अंपायर से रिव्‍यू मांग सकते हैं। यह नियम अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में सफल रहा, जिसके बाद बीसीसीआई ने अब इंडियन प्रीमियर लीग में भी डीआरएस नियम को लागू करने का निर्णय लिया है।

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इंडियन एक्‍सप्रेस अखबार में बीसीसीआई के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के हवाला से बताया गया है कि आईपीएल-11 में डीआरएस सिस्‍टम लागू होने वाला है। “हम पहले भी डीआरएस को आइपीएल में लागू करने को लेकर विचार कर चुके हैं, लेकिन हमने इस बार आईपीएल से इसे लागू करने का मन बना लिया है। जब यह नियम अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में सफलता पूर्वक इस्‍तेमाल हो सकता है तो फिर आईपीएल में भी इसे लागू किया जा सकता है।” बता दें कि वर्ष 2016 में इंग्‍लैंड टीम के भारतीय दौरे के दौरान पहली बार बीसीसीआई ने डीआरएस सिस्‍टम को मंजूरी दी थी, लेकिन इसे घरेलू क्रिकेट से दूर रखा गया।

डीआरएस सिस्‍टम समझने के लिए अंपायरों को दी गई ट्रेनिंग

डीआरएस सिस्‍टम अप्रैल में होने वाले आइपीएल मैचों के दौरान लागू होना है लेकिन बीसीसीआई ने बीते साल ही इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली थी। बोर्ड के सूत्रों की माने तो दिसंबर 2017 में 10 भारतीय अंपायरोंं को डीआरएस सिस्‍टम के संबंध में ट्रेनिंग दी गई थी। इस नियम से संबंधित बारीकियों की इन अंपायरों को ट्रेनिंग दी गई। आइपीएल से पहले पाकिस्‍तान सुपर लीग में भी डीआरएस सिस्‍टम को लागू किया जा चुका है। भारत ऐसा दूसरा देश है जिसने अपने लीग क्रिकेट में डीआरएस के नियम को लागू किया है। डीआरएस के लागू होने के बाद फील्‍ड अंपायर की गलती के कारण मैच का पासा पलटने की घटनाओं में कमी आने की उम्‍मीद जताई जा रही है।