सचिन तेंदुलकर © Getty Images
सचिन तेंदुलकर © Getty Images

बीसीसीआई ने ‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ की निर्माता कंपनी 200 नॉट आउट की मांग ठुकरा दी है। कंपनी ने बीसीसीआई से अनुरोध किया था कि वो उन्हें सचिन तेंदुलकर की आने वाली बायोपिक के लिए सचिन की बल्लेबाजी की वीडियो सहित कुछ और वीडियो में छूट दें, लेकिन बोर्ड ने कंपनी की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि बोर्ड सचिन के संन्यास लेने के दौरान के भाषण के वीडियो को मुफ्त में देने के लिए राजी हो गया है। प्रिव्यू: गुजरात लायंस के खिलाफ जीत हासिल करके नंबर 1 बनने पर होंगी केकेआर की निगाहें

‘सचिन: अ बिलियन ड्रीम्स’ अगले महीने रिलीज होने के लिए तैयार है। भारतीय टीम के सभी मैचों का बीसीसीआई के पास कॉपीराइट होता है और अगर किसी को भी इन वीडियो की जरूरत होती है तो उन्हें बीसीसीआई से ये वीडियो खरीदने पड़ते हैं। जब महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक रिलीज हो रही थी, तब भी धोनी ने बीसीसीआई से वीडियो के लिए बोर्ड से अनुरोध किया था, लेकिन इसके लिए उनकी बायोपिक बना रहे अरुण पांडे को 1 करोड़ रुपये देने पड़े थे। वहीं पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को भी जब वीडियो की जरूरत थी, तो उन्हें भी बीसीसीआई को कुछ पैसे देने पड़े थे।

बीसीसीआई ने वीडियो के रेट कार्ड तैयार कर रखे हैं, और वीडियो की कीमत मैच पर निर्भर करती है। किसी भी वीडियो की कीमत ‘हर सेकेंड’ के हिसाब से तय की जाती है। बीसीसीआई के अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा, ”ये बीसीसीआई की पॉलिसी है। बोर्ड ने धोनी की बायोपिक के दौरान भी कोई छूट नहीं दी थी, फिर तेंदुलकर के लिए नियम कैसे बदले जा सकते हैं। ये कमर्शियल फिल्म है जो कि थियेटर में रिलीज होगी। फिल्म के ट्रेलर को पहले ही 1 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं।” फिल्म के प्रोड्यूसर रवि भगचंदका ने कहा, ”हम छूट के मामले में बीसीसीआई से लगातार संपर्क में हैं। हमने बीसीसीआई से अनुरोध किया है कि फिल्म के लिए वो छूट दें। हमने पहले ही क्रिकेट साउथ अफ्रीका, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और आईसीसी से अधिकार ले लिए हैं।,जहां पर सचिन ने कुछ बड़े रिकॉर्ड या फिर यादगार पारियां खेलीं हैं।”