CoA shots down BCCI proposal for domestic pay hike
BCCI (Image courtesy: Getty)

22 जून को हुई बीसीसीआई की विशेष आम बैठक को अमान्य करार देने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति ने घरेलू क्रिकेटरों की फीस बढ़ाए जाने के बोर्ड के फैसले को भी रद्द कर दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक सीओए का मानना है कि बोर्ड के अधिकारी केवल श्रेय लेने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

दरअसल सीओए ने पहले खिलाड़ियों की मैच फीस में करीबन 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था। जिसके बाद बीसीसीआई अधिकारियों ने इसे काल्पनिक बताया क्योंकि उनका मानना था कि इस फैसले को लेने से पहले बोर्ड के रेवन्यू को नहीं देखा गया।

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टीओआई ने सीओए से जुड़े एक स्रोत के हवाले से लिखा, “ये केवल श्रेय लेने के लिए बोर्ड अधिकारियों का स्टंट था। सीओए ने जो सैलरी स्ट्रक्चर तैयार किया है वो ही फाइनल है। उस स्ट्रक्चर को बोर्ड अधिकारियों को अनुमोदित करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए इसे सीईओ राहुल जौहरी ने मंजूरी दे दी है। ऐसा नहीं है कि सीओए अशिष्ट है। यदि उनकी नीतियों में कोई बदलाव जरूरी है उस पर बात की जा सकती है लेकिन ये उनके विवेक पर निर्भर करता है।”

जाहिर है बोर्ड अधिकारी सीओए के इस फैसले से खुश नहीं है। बीसीसीआई अधिकारी ने जवाब में कहा, “बोर्ड का मानना था कि मीडिया अधिकारों के फाइनल होने के बाद, घरेलू खिलाड़ियों की फीस में रेवन्यू को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, सीओए ने मीडिया अधिकार की नीलामी से पहले सैलरी स्ट्रक्चर की घोषणा की। मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर के साथ, खिलाड़ियों को चार साल बाद ही कुछ फायदा मिलेगा।”