कुसल मेंडिस © Getty Images
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श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रसेल आर्नोल्ड को लगता है कि कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की जगह टीम में कोई नहीं ले सकता और मौजूदा क्रिकेटरों से ऐसी उम्मीदें करना गलती होगी। आर्नोल्ड ने बड़ा बयान देते हुए कहा, ‘संगाकारा और जयवर्धने जैसे क्रिकेटरों की जगह कोई नहीं ले सकता, इन दोनों के साथ तिलकरत्ने दिलशान की जगह को भी भरना संभव नहीं है। उन्हें बदला नहीं जा सकता क्योंकि वैसे खिलाड़ी एक बार ही आते हैं। अगर आप मौजूदा खिलाड़ियों से उनके जैसा होने की बात करेंगे तो आप उनपर बहुत ज्यादा दवाब बना रहे है। मुझे लगता है हम सबसे बड़ी गलती ये कर रहे हैं कि मौजूदा खिलाड़ियों से संगकारा और जयवर्धने की जगह लेने की उम्मीद कर रहे हैं और युवा खिलाड़ियों पर दवाब बना रहे हैं।’

आर्नोल्ड ने कहा, ‘हमारे पास जो खिलाड़ी है हमें उनका सही इस्तेमाल करना होगा। वो अलग-अलग तरह के खिलाड़ी हैं। आपको उनकी मजबूत पक्ष की पहचान कर उन्हें निखारना होगा।’ पिछले कुछ समय में श्रीलंका क्रिकेट के प्रदर्शन में बड़ी गिरावट आयी है। घर में श्रीलंका बांग्लादेश को मात देने में असफल रही और वो चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंची। टेस्ट और वनडे सीरीज में भारत के खिलाफ सूपड़ा साफ होने से पहले जिम्बाब्वे ने भी वनडे सीरीज में उन्हें हराया था। वनडे में रन बनाने के लिए टेस्ट नहीं खेलना चाहते थे उपुल थरंगा!

अर्नाल्ड के मुताबिक टीम के प्रदर्शन में गिरावट चोट और निरंतरता की कमी है। उन्होंने कहा, ‘श्रीलंका की सबसे बड़ी समस्या यह है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं हैं और वे टीम का गठन नहीं कर पा रहे हैं । खिलाड़ियों के चोटिल होने से टीम की समस्या को और बढ़ा दिया। अगर आप भारत के साथ सीरीज को देखेंगे तो टेस्ट में दो कप्तान थे और वनडे सीरीज में तीन खिलाड़ियों ने कप्तानी की।’ उन्होंने कहा कि श्रीलंका में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बस जरूरत है उसकी पहचान करने और टीम में उनकी जिम्मेदारी के बारे में बताने की।