DDCA chairman Rajat Sharma and newly elected committee can withdraw from RTI decision
Rajat Sharma © Getty Images

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा पूर्व क्रिकेटर मदन लाल को 517 वोट से हराकर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के नए अध्यक्ष बन गए। शर्मा ने पद पर न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की जगह ली जिन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीडीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था। वरिष्ठ पत्रकार ने पदभार संभालने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं डीडीसीए की लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करूंगा।’’

जहां न्यायमूर्ति सेन डीडीसीए को आरटीआई के दायरे में ले आए थे, नव निर्वाचित समिति इस फैसले से पीछे हट सकती है और प्रशासक के फरमान को रद्द करने के लिए जल्द ही एक बैठक की जाएगी।

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नव निर्वाचित सचिव विनोद तिहाड़ा ने आज कहा, ‘‘बीसीसीआई आरटीआई के दायरे में नहीं आता और डीडीसीए को कोई सरकारी अनुदान नहीं मिलता। और न्यायमूर्ति सेन को जाने से ठीक पहले ही डीडीसीए को आरटीआई के दायरे में लाने का विचार क्यों सूझा? जब वो नीतिगत फैसले ले रहे थे तो उन तमाम महीनों में ये बात उनके दिमाग में क्यों नहीं आई? डीडीसीए निश्चित रूप से आरटीआई के दायरे में नहीं आएगा।’’

वहीं चुनाव की बात करें तो बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना को चुनाव से बड़ा झटका लगा क्योंकि उनकी पत्नी शशि उपाध्यक्ष पद के चुनाव में राकेश बंसल से हार गयीं। राकेश डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष स्नेह बंसल के छोटे भाई हैं। राकेश ने शशि को 278 वोट से हराया। उन्हें 1,364 जबकि शशि को 1,086 वोट मिले। हार के साथ डीडीसीए में खन्ना के लिए अब रास्ते बंद हो सकते हैं जहां करीब तीन दशकों से उनका वर्चस्व रहा है।

रजत शर्मा और उनके पैनल की उम्मीदवारी को सत्तारूढ़ दल के एक बड़े नेता का समर्थन हासिल था और भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा भी उनका पुरजोर समर्थन कर रहे थे। बत्रा पूर्व में डीडीसीए के कोषाध्यक्ष थे।

डीडीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक ना करने की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘शर्मा को एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री का समर्थन मिलने के साथ ही किसी दूसरे उम्मीदवार के चुनाव जीतने की कोई संभावना ही नहीं थी। हां यह उम्मीद नहीं थी कि एक पैनल सभी सीटें जीत जाएगा। यह अच्छा होगा कि शर्मा पूरी तरह मुक्त होकर डीडीसीए का संचालन करेंगे। इसका यह भी मतलब है कि डीडीसीए में सी के खन्ना के दौर का अंत हो गया, हां अगर वह शर्मा के साथ कोई समझौता कर लें तो बात अलग है।’’

दूसरे उल्लेखनीय विजयी उम्मीदवारों में खेल समिति के पूर्व अध्यक्ष विनोद तिहाड़ा (1,374 वोट) शामिल हैं जिन्होंने सचिव पद के चुनाव में करीबी प्रतिद्वंद्वी मंजीत सिंह (998) को 376 वोटों से हराया। चुनाव जीतने वाले अन्य उम्मीदवारों में राजन मनचंदा (संयुक्त सचिव), ओमप्रकाश शर्मा (कोषाध्यक्ष), संजय भारद्वाज (निदेशक) शामिल हैं। वहीं रेणु खन्ना महिला निदेशक बन गयीं। अन्य निदेशकों में पूर्व मीडिया मैनेजर रवि जैन के बेटे अपूर्व जैन, आलोक मित्तल, नितिन गुप्ता, शिवनंदन शर्मा और नितिन अग्रवाल शामिल हैं।