दिनेश मोंगिया © Getty Images
दिनेश मोंगिया © Getty Images

ना फिक्सिंग के दोषी पाए गए और ना ही बीसीसीआई ने बैन लगाया, लेकिन फिर भी दिनेश मोंगिया को किस बात की मिल रही है सजा? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो टीमटीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज दिनेश मोंगिया के जहन में हैं और इन्हीं का जवाब तलाशने के लिए दिनेश मोंगिया ने बीसीसीआई से माफी देने की गुजारिश की है। दिनेश मोंगिया ने बीसीसीआई से अपील करते हुए कहा है कि, ‘मुझे उम्मीद है बीसीसीआई में मौजूद अधिकारी मेरे मामले पर जरूर गौर करेंगे, जैसा कि उन्होंने मो अजहरुद्दीन के मामले में किया है।’ न्यूजीलैंड के पूर्व खिलाड़ी लू विंसेंट ने 2015 में लंदन कोर्ट में दिनेश मोंगिया पर इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) के दौरान फिक्सिंग करने का आरोप लगाया था, जो कि कभी साबित नहीं हो सका।

दिनेश मोंगिया ने अपने इन आरोपों से लगातार इनकार किया है। उन्होंने कहा,’मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं था, मैं ही आईसीएल का एकमात्र खिलाड़ी रहा, जिसे बीसीसीआई की माफी नहीं मिली. अंबति रायडू को राहत मिल गई और वो भारतीय टीम में खेले.’ उन्होंने आगे कहा, ‘क्या यह अजीब नहीं है कि बीसीसीआई ने मुझे कभी प्रतिबंधित नहीं किया, लेकिन मेरे बकाए के भुगतान के बारे में कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब 40 साल के मोंगिया को उम्मीद है कि मो. अजहरुद्दीन की तरह उनके मामले को भी सुना जाएगा।

भारत के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन ने प्रशासकों की समिति और बीसीसीआई पदाधिकारियों से करोड़ों रुपए बकाया पेंशन की मांग की है। अजहर ने कोर्ट द्वारा आरोप मुक्त होने पर बोर्ड के अधिकारियों से अपने मुआवजे के पैकेज पर विचार करने के लिए कहा है। टीम इंडिया के बाद वर्ल्ड XI से भिड़ेगी श्रीलंकाई टीम

मोंगिया ने छह साल के इंटरनेशनल करियर के दौरान भारत की ओर से 57 वनडे इंटरनेशनल और एक टी-20 मैच खेला था। वो 2003 वर्ल्ड कप टीम के सदस्य भी रहे। मोंगिया को 2008 सीजन के दौरान आईसीएल ने अनुशासनात्मक कारणों से निलंबित कर दिया था, जिनका खुलासा नहीं किया गया। पंजाब का बाएं हाथ का ेह बल्लेबाज हालांकि इसके बाद क्रिकेट से हमेशा के लिए बाहर हो गया क्योंकि बीसीसीआई ने सभी खिलाड़ियों के वापस लौटने के समय उन्हें माफी नहीं दी।