विराट कोहली © AFP
विराट कोहली © AFP

टीम इंडिया को पाकिस्तान के हाथों चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में 180 रनों से हार झेलनी पड़ी और इस तरह टीम इंडिया अपने टाइटल को बचाने से महरूम रह गई। इस मैच में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने खासा निराश किया और तू चल मैं आता हूं कि तर्ज पर बल्लेबाजी करते नजर आए। 339 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की खराब शुरुआत पहले ओवर से ही हो गई थी जब मोहम्मद आमिर ने रोहित शर्मा को शून्य के स्कोर पर ही चलता कर दिया। इसके बाद तो विकटों की झड़ी लग गई। सिर्फ हार्दिक पांड्या ही कुछ देर तक अपना जलवा दिखाने में कामयाब रहे। पांड्या ने 43 गेंदों में 76 रन बनाए। उनके अलावा अन्य कोई बल्लेबाज खास नहीं कर सका और अंततः टीम इंडिया को 180 रनों से करारी हार झेलनी पड़ी।

हार से निराश टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने मैच के बाद कहा, “वास्तव में यह बहुत निराशाजनक है। पाकिस्तान और उनके फैंस के लिए बधाईयां। जिस तरह से चीजें उन्होंने बदलीं वो बताता है कि उनके पास कितनी प्रतिभा है। जब उनका दिन होता है तो वह किसी को भी परेशान कर सकते हैं। हारकर निराशा हुई लेकिन मेरे चेहरे पर मुस्कान है क्योंकि मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। फाइनल में पहुंचने के लिए आपको टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना होता है जो हमारे खिलाड़ियों ने किया। श्रेय पाकिस्तान को जाता है उन्होंने हमें हरा दिया। हमने किसी को हल्के में नहीं लिया। वे ज्यादा तीव्र और जुनूनी थे।” [भारत बनाम पाकिस्तान, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, लाइव स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें...] 

विराट कोहली इस बात का भी जिक्र किया कि कुछ मौके थे जब वे मैच को अपने पक्ष में पलट सकते थे। कोहली ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंद के साथ हमें विकेट लेने के ज्यादा मौके मिले थे। हमने हमेशा बेहतर करने की कोशिश की लेकिन कभी-कभार विपक्षी टीम भी अच्छा प्रदर्शन करती है। यहां तक की गेंद के साथ भी वे बहुत आक्रामक थे। हार्दिक का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा लेकिन उनके अलावा हम कोई प्रतिरोध नहीं दिखा सके। छोटी भूल क्रिकेट में बड़ा फर्क पैदा कर सकती है (उस नो बॉल पर जिस पर फखर आउट हुए थे)। हम फाइनल नहीं जीते, क्रिकेट मैच हारे और यही सबकुछ है हमें आगे बढ़कर अपनी गलतियों से सीखने की जरूरत है। पिच शुरू से अंत तक निरंतर थी। दोनों ही पारियों में पिच में कुछ खराब नहीं दिखा। हम उस दिन बढ़िया नहीं थे।”

विराट कोहली ने पाकिस्तान के नए नवेले बल्लेबाज फखर जमान के बारे में बातचीत करते हुए कहा, “जब अजहर अली जैसा खिलाड़ी, तो परंपरागत बल्लेबाज है, अपने स्ट्रोक खेलता है। तो आप अपनी योजना बना सकते हो। लेकिन जमान जैसे बल्लेबाज को रोकना मुश्किल है क्योंकि मुझे लगता है कि उनके 80 प्रतिशत शॉट हाई-रिस्क शॉट थे औ उन सबमें रन बन रहे थे। कई बार आपको ये देखकर बैठ जाना होता है कि यह खिलाड़ी हर चीज को झेलने में सक्षम है। और आप सिर्फ प्रयास ही कर सकते हो।”