Domestic T20 Leagues more vulnerable to fixing, says ICC chief executive David Richardson
Yuzvendra Chahal and Virat Kohli (File Photo) © AFP

तेजी से दुनिया भर में टी-20 लीग का बढ़ना क्रिकेट में फिक्सिंग की मुख्‍य वजह है। इन क्रिकेट लीग में फिक्सिंग की काफी ज्‍यादा संभावना है। ये कहना है आईसीसी के चीफ एग्जिक्‍यूटिव डेविड रिचर्डसन का। लंदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा, “मुझे लगता है कि जो लोग मैच फिक्सिंग व स्‍पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों में शामिल होना चाहते हैं इस प्रकार की लीग उन्‍हें अतिरिक्‍त मौके देती हैं।”

बेन स्‍टोक्‍स की जगह तेज गेंदबाज सैम कुरेन इंग्‍लैंड की टीम में शामिल
बेन स्‍टोक्‍स की जगह तेज गेंदबाज सैम कुरेन इंग्‍लैंड की टीम में शामिल

उन्‍होंने कहा, “हमें इस बात को सुनिनिश्‍चत करना होगा कि टीवी पर आने वाले टी-20 डोमेस्टिक टूर्नामेंट पर मिनिमम स्‍तर पर नजर रखी जाए। क्रिकेट को फिक्सिंग से दूर रखने के लिए हमें प्‍लेयर्स और फ्रेचाइजी मालिकों पर नजर रखने की जरूरत है।” डेविड रिचर्डसन ने वादा किया कि वो अल जजीरा चैनल से जुड़े स्टिंग मामले की गहराई तक जांच करेंगे। आईसीसी की तरफ से अबतक मिडल ईस्‍ट के अल जजीरा चैनल से संपर्क नहीं किया गया है।

आईसीसी फिलहाल चैनल के फिक्सिंग से जुड़े सभी आरोपों से संबंधित साक्ष्‍य जुटाना चाहता है। आईसीसी चैनल की डॉक्‍यूमेंट्री से जुड़ी अन ब्रॉडकास्‍ट फुटेज को भी देखना चाहता है। उन्‍होंने कहा कि हम जल्‍द ही अल जजीरा चैनल के अधिकारियों से मिलकर जांच शुरू करने वाले हैं। अगर लीग में इस तरह की फिक्सिंग पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्‍य में ऐसी स्थिति भी आ सकती है आईसीसी द्वारा गठित एंटी करप्‍शन यूनिट के बिना क्रिकेट खेलने वाले नॉन फुल मेंबर सदस्‍यों को मैच आयोजित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि हमें क्रिकेट में करप्‍शन के खिलाफ कहीं अधिक सख्‍त कदम उठाने की जरूरत है। हम इसकी गहराई तक जांच करेंगे। इस तरह के करप्‍शन पर हम चुप नहीं बैठेंगे। डॉक्‍यूमेंट्री में दावा किया गया था कि 2016 में भारत और इंग्‍लैंड व भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच खेले गए मैं में फिक्सिंग की गई थी।