पिंक गेंद से खेली जाएगी दिलीप ट्रॉफी © Getty Images
पिंक गेंद से खेली जाएगी दिलीप ट्रॉफी © Getty Images

प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बीसीसीआई को दिलीप ट्राफी को घरेलू कैलेंडर से नहीं हटाने के निर्देश दिये हैं। पहले इस टूर्नामेंट को इस सीजन के कैलेंडर में जगह नहीं दी गयी थी और पूर्व कप्तान और क्रिकेट बोर्ड के तकनीकी समिति के अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी इसकी जानकारी नहीं दी गयी थी। सीओए की सदस्या डायना एडुल्जी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘दिलीप ट्रॉफी को बहाल कर दिया गया है। इसका आयोजन होगा और इसके कार्यक्रम पर काम किया जाएगा। हमने बीसीसीआई से इसे नहीं हटाने के लिये कहा है। ये बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है और इसका आयोजन होना चाहिए। ये इस सत्र में होगा।’’

जुलाई महीने में कोलकाता में बोर्ड की तकनीकी समिति की बैठक में यह फैसला किया गया था कि इस सीजन में भी पिछली बार की तरह गुलाबी गेंद से दिलीप ट्रॉफी के मैच कराये जायेंगे। हालांकि, हाल ही में बीसीसीआई की ओर से जारी घरेलू कार्यक्रम में दिलीप ट्रॉफी को जगह नहीं दी गयी। जिसके बाद पूर्व कप्तान गांगुली ने एम वी श्रीधर को खत लिखकर इसे हटाने का कारण पूछा था।

कब होगी दिलीप ट्रॉफी
काफी व्यस्त कार्यक्रम के कारण बीसीसीआई के लिये दिलीप ट्रॉफी का आयोजन करना काफी चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन अब सीओए के निर्देश के बाद बोर्ड को इसके लिये सितंबर में दो हफ्ते का समय निकालना पड़ सकता है। सितंबर के आखिर में न्यूजीलैंड की ए टीम 4 हफ्ते के भारत दौरे पर आर रही है जहां वो भारत ए के साथ दो चार दिवसीय मैच के अलावा पांच मैचों की वनडे सीरीज भी खेलेगी। चार दिवसीय मैच विजयवाड़ा में 23 से 26 सितंबर और 30 सितंबर से तीन अक्तूबर के बीच होंगे जबकि वनडे मैच 6, 8, 10, 12 और 14 अक्तूबर को विशाखापट्नम में खेले जायेंगे।  जीत के बाद बांग्लादेश के फैंस ने सचिन तेंदुलकर को सुनाई खरी- खोटी 

बीसीसीआई अधिकारी ने बताया कि सितंबर-अक्तूबर में भारतीय टीम के बड़े खिलाड़ी दिलीप ट्रॉफी में चयन के लिये मौजूद नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे सीरीज की तैयारी में होंगे तो वहीं दूसरे दर्जे के खिलाड़ी न्यूजीलैंड की ए टीम के साथ मुकाबले में शामिल होंगे। इसलिये दलीप ट्रॉफी में देश के टॉप 30-32 खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले पायेंगे।