England Practising with bowling machine to tackle Kuldeep Yadav’s mystery spin
Kuldeep Yadav, Merlyn maching © Getty Image

भारत और इंग्‍लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले को विराट कोहली की सेना ने आठ विकेट से अपने नाम कर लिया। पहले बल्‍लेबाजी करते हुए इंग्‍लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 160 रनों का लक्ष्‍य रखा, जिसे भारत ने केएल राहुल के शतक की मदद से 10 गेंद पहले ही बना दिया। राहुल ने 54 गेंदों पर नाबाद 101 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्‍होंने पांच छक्‍के और 10 चौके भी लगाए।

कुलदीप की फिरकी के जाल में फंसे थे अंग्रेज

इंग्‍लैंड की टीम ने पहले 10 ओवरों में ही 100 रन पूरे कर लिए थे । लगा कि ऑस्‍ट्रेलिया को 5-0 से रौंदने वाली ये टीम भारत के खिलाफ भी पहले मुकाबले में जीत के लिए 200 से अधिक का लक्ष्‍य रखेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की फिरकी के जाल में अंग्रेज बल्‍लेबाज इस कदर फंसे कि 200 तो दूर 150 रन बना पाना भी एक समय में मुश्किल नजर आने लगा। कुलदीप ने एक ही ओवर में इंग्‍लैंड के तीन विकेट चटका दिए। इस मैच में उन्‍होंने पांच विकेट हॉल अपने नाम किया।

Hardik’s Emotional message For Elder Brother Krunal Pandya
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स्पिन मशीन से प्रैक्टिस कर रहे हैं इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज

कुलदीप की मिस्‍ट्री स्पिन से निपटने के लिए इंग्‍लैंड के बल्‍लेबाज इन दिनों खूब जोर लगा रहे हैं। वो स्पिन गेंदबाजी की मशीन मरलिन के माध्‍यम से इन दिनों नेट्स में प्रैक्टिस कर रहे हैं। क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत के दौरान इंग्‍लैंड की तरफ से अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी जोस बटलर ने कहा, ” मरलिन मशीने से एक चीज जो हम कर सकते हैं वो हैं कुलदीप के एंगल की नकल गेंदबाजी। ये स्पिन के तहत खुद को ढालने के लिए अच्‍छी मशीन है।”

उन्‍होंने कहा, “बहुत से बल्‍लेबाजों ने कुलदीप को पहली बार फेस किया है। एक दो गेम के बाद वो इसके आदी हो जाएंगे। ये महज उनकी गेंद को समझने की बात है, जिससे  घबराना नहीं चाहिए। आप ऐसी गेंद खेलते हैं जो आपने इससे पहले नहीं खेली हो तो एडजस्‍ट करने में थोड़ी समस्‍या होना लाजमी है। ये केवल खुद को इस गेंदबाजी में ढालने वाली बात है। हमें कुछ संकेतों को समझना होगा। कुछ और गेम खेलेंगे तो ये आसान हो जाएगा।

मरलिन गेंदबाजी मशीन साल 2015 में एशेज सीरीज से पहले लाई गई थी। शेन वॉर्न की फिरकी से निपटने के लिए इंग्‍लैंड ने इस मशीन से प्रैक्टिस करना शुरू किया था।