Flexibility and desire to achieve excellence makes Virat Kohli a different batsman, says Sanjay Bangar
Virat Kohli © Getty Images

भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच संजय बांगड़ ने कहा कि बल्लेबाजी को लेकर विराट कोहली का लचीला रवैया और उत्कृष्टता हासिल करने का लक्ष्य भारतीय कप्तान को अलग बनाता है जिसके दम पर उन्होंने इंग्लैंड में पहला शतक जमाया।

कोहली का कैच छोड़ना इंग्लैंड को पड़ा महंगा, बनाया सबसे बड़ा स्कोर
कोहली का कैच छोड़ना इंग्लैंड को पड़ा महंगा, बनाया सबसे बड़ा स्कोर

पहले टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड ने भारतीय टीम को पहली पारी में 274 रन पर आउट करके 22 रन की बढ़त ले ली है।
कोहली ने यादगार 149 रन बनाए। कोहली ने इस पारी से 2014 के इंग्लैंड दौरे पर नाकामी की टीस भी कम की होगी जहां वो 10 पारियों में केवल 134 रन बना सके थे। बांगड़ ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, ‘‘उसने शानदार अनुशासन का प्रदर्शन किया।

आजकल हर खिलाड़ी का वीडियो एनालिसिस उपलब्ध है और विरोधी टीम को आसानी से कमजोरी पता चल जाती है।आपको खुद भी अपनी कमजोरी पता होनी चाहिए ताकि उन्हें दूर करके एक कदम आगे बढ़ सके। विराट में उत्कृष्टता हासिल करने की इच्छा है और वो अपनी बल्लेबाजी पर काम करता रहता है। इस पारी से उसे काफी संतोष मिला होगा।’’

भारत के लिए दूसरा सर्वोच्च स्कोर शिखर धवन (26) का था। एक समय भारत के तीन विकेट पर 59 रन था जो पांच विकेट पर 100 और फिर सात विकेट पर 169 रन हो गया। कोहली ने मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और उमेश यादव के साथ मिलकर टीम को 250 के पार पहुंचाया। बांगड़ ने ये भी कहा कि कोहली को मिले तीन जीवनदान भारत के लिए फायदेमंद रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी शुरूआत का हम फायदा नहीं उठा सके। सलामी बल्लेबाजों ने नई गेंद को बखूबी खेला। दोनों टीमों के बीच फर्क ये था कि इंग्लैंड को इन हालात में खेलने की आदत है और हम ऐसे हालात में ज्यादा नहीं खेलते। दोनों के बीच अंतर कुछ ही रन का था। एलेस्टर कुक के विकेट से मुकाबला संतुलित हो गया।’’

ये पूछने पर कि कोहली ने सीरीज से पहले अपनी बल्लेबाजी के लिए क्या किया था, कोच ने कहा,‘‘वो बहुमुखी प्रतिभा का धनी है। अच्छे खिलाड़ी अपने खेल का आकलन करके उस पर काम करते रहते हैं। वो बेहद अनुशासित है। इस पारी से उसे काफी संतोष मिला होगा।’’