Gautam Gambhir up for Delhi captaincy, if given opportunity
Gautam Gambhir (File Photo) © Getty Images

भारतीय क्रिकेट में गौतम गंभीर का योगदान जितना बड़ा रहा है शायद उस हिसाब से वो उंचाइयों को नहीं छू पाए। साल 2011 में विश्‍व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 285 रनों के लक्ष्‍य का पीछा करने के दौरान टीम के जल्‍द विकेट गिरने के बावजूद गंभीर ने टीम को संभाला। 97 रनों की पारी की मदद से भारत ने दूसरी बार विश्‍व कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले साल 2007 टी-20 विश्‍व कप के फाइनल में भी गंभीर ने 75 रन की अहम पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। टी-20 विश्‍व कप के प्रदर्शन के बाद ही वो पहली बार सुर्खियों में आए थे।

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टीम हित में कप्‍तानी की जिम्‍मेदारी संभालने को तैयार

डीडीसीए में सत्‍ता परिवर्तन के बाद एक बार फिर गंभीर को कप्‍तानी मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। टाइम्‍स नाऊ से बातचीत के दौरान गौतम गंभीर से एक बार फिर दिल्‍ली रणजी टीम की कमान संभालने के बारे में पूछा गया। इसपर गंभीर ने कहा, ” सच बनाऊं तो मैं इस बारे में बिल्‍कुल भी नहीं सोच रहा था। मैं सिर्फ दिल्‍ली के लिए खेलने के बारे में सोचता हूं। अगर मुझे टीम को लीड करने का मौका मिलता है तो टीम कें हित के लिए मैं ये जिम्‍मेदारी उठाने से पीछे नहीं रहूंगा।”
गंभीर की जगह इशांत शर्मा को बनाया गया था कप्‍तान

आईपीएल 2018 में दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स के खराब प्रदर्शन को देखते हुए गंभीर ने टूर्नामेंट के बीच में ही कप्‍तानी छोड़ दी थी। जिसके बाद श्रेयस अय्यर को टीम का कप्‍तान बनाया गया। पिछले रणजी सीजन में भी गंभीर की जगह इशांत शर्मा को टीम की कप्‍तानी सौंपी गई। शर्मा की गैर मौजूदगी में रिषभ पंत ही दिल्‍ली रणजी टीम की कप्‍तानी करते नजर आए।

2016 में खेला था आखिरी अंतरराष्‍ट्रीय मैच

गौतम गंभीर आखिरी बार नवंबर 2016 में रजकोट में इंग्‍लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्‍ट मैच में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में नजर आए थे। साल 2013 के बाद से गंभीर ने कोई वनडे मैच भी नहीं खेला है। वो साल 2009 में आईसीसी टेस्‍ट रैंकिंग में नंबर एक बल्‍लेबाज भी रह चुके हैं।