Hardik Pandya denies allegation of insulting B R Ambedkar; says it was done by fake account
Hardik Pandya © IANS

जोधपुर की जिला अदालत ने भारतीय टीम के आलराउंडर हार्दिक पांड्या पर बाबा साहब अंबेडकर का अपमान करने के आरोपों को पहली नजर में सही पाते हुए उनपर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पांड्या पर जोधपुर पुलिस एससी/एसटी एक्‍ट में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। इसी बीच इस मामले में अब पांड्या का भी स्‍टेटमेंट आ गया है। पांड्या का कहना है कि उन्‍होंने कभी अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी नहीं की थी। मेरे मन में संविधान की रचना करने वाले बाबा साहब अंबेडकर के प्रति अत्‍यंत आदर का भाव है। किसी अज्ञात शख्‍स ने मेरे नाम से फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर ये हरकत की है।

पांड्या ने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट के माध्‍यम से खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए कहा, ” मेरे नाम और तस्‍वीर का गलत इस्‍तेमाल करते हुए अंबेडकर जी के खिलाफ अपशब्‍द कहे गए। इनसे मेरा कोई लेनादेना नहीं है।” पांड्या ने कहा, ” मेरे खिलाफ अदालत के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है, लेकिन मैं अदालत के समक्ष सही तथ्‍य पेश करुंगा। अदालत से अपील करुंगा कि मेरे खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। मैं अदालत को बताउंगा कि जालसाजी से मेरी छवि को खराब करने के लिए ये हरकत की गई है। ये एक ऐसी समस्‍या है जिसका सामना मुझसे पहले कई अन्‍य शख्सियतों को भी करना पड़ा है।


अपने आप को भीम सेना का सदस्‍य बताने वाले राजस्‍थान के डीआर मेघवाल नामक शख्‍स ने पांड्या के ट्वीट से आहत होकर अदालत में एक याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया कि पांड्या ने उनके समुदाय के लोगों को अपमानित करने का प्रयास किया है। उनकी भावनाओं को इस कमेंट से चोट पहुंची है। इतने बड़े क्रिकेटर ने न सिर्फ उनके समुदाय का अपमान किया, बल्कि संविधान का भी अपमान किया। याचिकाकर्ता का कहना है कि जनवरी में मैने पांड्या के कमेंट के बारे में सुना। उनका ट्वीट नफरत फैलाने और समाज को बांटने वाला है। ऐसे में इस अपराध के लिए उन्‍हें उचित सजा दी जानी चाहिए।