हार्दिक पांड्या  © AFP
हार्दिक पांड्या © AFP

टीम इंडिया की नई सनसनी हार्दिक पांड्या ने पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में सनसनी उस वक्त मचा दी जब उन्होंने छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने शुरुआत पारी के 23वें ओवर से की। पांड्या ने गेंदबाज शदाब खान की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़ दिए। इस ओवर में उन्होंने तीन छक्के और एक चौके के साथ 23 रन बटोरे। पांड्या यहीं नहीं रुके और फखर जमान की भी बखिया उधेड़ दी। जमान जो पारी का 26वां ओवर लेकर आए थे। उनकी पांचवीं और छठवीं गेंद पर पांड्या ने लगातार दो छक्के लगाए। छठवीं गेंद का छक्का खासा लंबा था। उन्होंने इस दौरान गेंद को लॉन्ग ऑन की दिशा में खासी ऊंचाई और लंबाई में खेला। यह छक्का सीधे स्टेडियम में लगे गुंबद में जा लगा। इस छक्के की लंबाई 107 मीटर रही। यह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के सबसे लंबे छक्कों में से एक है।

वैसे पांड्या का जलवा ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रह सका और वह जल्दी ही रन आउट हो गए और 43 गेंदों में 76 रन बनाकर आउट हो गए। बात टीम इंडिया की पारी के 27वें ओवर की है। भारत का स्कोर 152/6 था। हसन अली की तीसरी गेंद को जडेजा ने हल्के हाथों से कवर्स की ओर खेला। इसी बीच पांड्या को लगा कि रन लिया जा सकता है और वह रन दौड़ गए लेकिन इस दौरान जडेजा रन लेने को अनिच्छुक नजर आए। चूंकि, रन लेने के लिए पांड्या इतने आगे निकल आए थे कि वह वापस नहीं लौट सकते थे। इस तरह से पांड्या रन आउट हो गए और टीम इंडिया की रही सही उम्मीदें टूट गईं।

पांड्या इस बात से खासे खफा हुए। वह जब वापस लौट रहे थे तो वह दर्द उनके चेहरे पर साफतौर पर झलक रहा था। वह अपने इस तरह से आउट होने को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। जाहिर है कि पूरा देश उनके इस तरह से आउट होने को लेकर स्तब्ध था। टीम इंडिया की उम्मीदें एक झटके में खत्म हो चुकी थीं। [भारत बनाम पाकिस्तान, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, फुल स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें...] 

 

जब पांड्या रन आउट हुए तब वह जडेजा के काफी करीब थे। जडेजा चाहते तो उन्हें गले लगाकर ढाढ़स बंधा सकते थे। लेकिन उन्होंने यह भी नहीं किया। बहरहाल टीम इंडिया की उम्मीदें टूट चुकी थीं। वैसे जडेजा पांड्या को इस तरह से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए देखकर अपने विकेट की कुर्बानी दे सकते थे और पांड्या को रन आउट होने से बचा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।