Hardik Pandya: I don’t have any one particular role, I’m a batsman while batting and bowler when bowling
Hardik Pandya © Getty Images

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। पहले मैच में हार के बाद लॉर्ड्स में चल रहे दूसरे मैच में भी भारतीय बल्लेबाजी क्रम बिखर गया। इसके बाद से सभी खिलाड़ियों पर सवाल उठ रहे हैं लेकिन जो खिलाड़ी आलोचकों के निशाने पर लगातार बना हुआ है, वो हैं हार्दिक पांड्या।

'कप्तान कोई भी बन सकता है, महेंद्र सिंह धोनी लीडर हैं'
'कप्तान कोई भी बन सकता है, महेंद्र सिंह धोनी लीडर हैं'

बतौर ऑलराउंडर टीम में जगह बनाने वाले पांड्या अब तक ना तो गेंद और ना ही बल्ले से कुछ कमाल कर पाए हैं, ऐसे में टीम में उनकी भूमिका पर सवाल उठना लाजमी है। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पांड्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मेरी टीम में कोई एक निश्चित भूमिका नहीं है। जब मैं बल्लेबाजी करता हूं तो मैं बल्लेबाज हूं और जब गेंदबाजी करता हूं तो गेंदबाज हूं। मेरी भूमिका चीजों को सही तरीके से करने की है और बल्लेबाजों से गलती कराने की है ताकि मुझे ज्यादा बदलाव ना करने पड़ें। हमे पता है कि उन्हें शॉट खेलना पसंद है और जब आप ऐसा करते हैं तो कुछ गलतियां हो जाती हैं।”

तीसरे दिन गेंद को स्विंग नहीं मिली

107 पर ऑलऑउट होने के बाद गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत की। भारतीय तेज गेंदबाजों ने 131 पर इंग्लैंड टीम के 5 बड़े विकेट निकाल लिए थे लेकिन क्रिस वोक्स और जॉनी बेयरस्टो ने मिलकर छठें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी बनाई और इंग्लैंड का स्कोर 300 के पार ले गए। इस बारे में पांड्या ने कहा, “कुछ हुआ ही नहीं और यही परेशानी थी। बतौर गेंदबाजी यूनिट हमने पूरी कोशिश की लेकिन गेंद ने स्विंग करना बंद कर दिया, इसी वजह से वोक्स और बेयरस्टो खेल अपने पक्ष में ले गए। टेस्ट क्रिकेट में ऐसा होता है। आप पांच विकेट जल्दी निकाल लेते हैं और फिर एक साझेदारी सब बदल देती है। ये खेल का हिस्सा है।”

हार्दिक ने किया बल्लेबाजों का बचाव 

बारिश से प्रभावित रहे लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लिश तेज गेंदबाजों ने गेंद को खूब स्विंग कराया था और भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी की थी। जेम्स एंडरसन के शानदार पांच विकेट हॉल की बदौलत भारतीय टीम केवल 107 रन ही बना सकी थी। एंडरसन की तरह ही पांड्या की भी मानना है कि इन तरह के हालात में कोई भी टीम इतना ही स्कोर बना पाती। उन्होंने कहा, “कोई भी टीम वैसा ही स्कोर करती जैसा हमने किया क्योंकि लगातार बारिश में बल्लेबाजी करना और जब विकेट गीला हो तो ये चुनौतीपूर्ण होता है। आज जब हम गेंदबाजी कर रहे थे तो धूप निकली थी और पूरा दिन ऐसा ही रहा। आज के दिन पिच वैसी थी, जैसी हम पहले दिन उम्मीद कर रहे थे लेकिन मौसम की वजह से विकेट बदल गया था।”

कुलदीप को टीम में शामिल किए जाने पर जवाब

भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट के लिए उमेश यादव को बाहर कर कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह दी थी। लेकिन टीम इंडिया का दो स्पिनरों को खिलाने का ये फैसला अब तक सफल नहीं दिख रहा है लेकिन पांड्या ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, “जाहिर है इसके पीछे हमारी कोई सोच रही होगी। लेकिन हमे लगा कि तीन सीम गेंदबाज काफी होंगे। हमने अच्छी गेंदबाजी की, पूरा जोर लगाया। अगर ये पांच दिन का खेल होता तो स्पिन गेंदबाज काम में आते लेकिन बारिश हो गई। पिच पर ज्यादा पैरों के निशान बन नहीं पाए जिससे की पकड़ मिल पाती।”