Harmanpreet Kaur explains why India Women lost to Australia Women
Harmanpreet Kaur © Getty Images (File Photo)

भारतीय महिला टीम को वडोदरा में ऑस्‍ट्रेलिया की महिला टीम के साथ खेले गए पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा। पूरी टीम मेजबानों के सामने महज 200 रन का स्‍कोर ही बना पाई, जिसे ऑस्‍ट्रेलिया ने बेहद आसानी से बना दिया। जीत की हीरो ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज निकोल बोल्‍टन रही, जिन्‍होंने शतकीय पारी खेलकर भारत को करीब 19 ओवर बाकी रहते हुए ही हरा दिया। टीम की कप्‍तानी का जिम्‍मा संभाल रही हरमनप्रीत कौर ने हार की जिम्‍मेदारी लेते हुए कहा कि हमारे बल्‍लेबाज लापरवाही भरे तरीके से खेले, जिसके कारण पहला मैच हाथ से फिसल गया।

वनडे का दर्जा प्राप्‍त करने के बेहद करीब पहुंचा नेपाल, करने होंगे बस ये काम
वनडे का दर्जा प्राप्‍त करने के बेहद करीब पहुंचा नेपाल, करने होंगे बस ये काम

हरमनप्रीत कौर ने कहा, ” बेहतर होता कि हमारी टीम के बल्‍लेबाज बड़े शॉट लगाने का प्रयास नहीं करते। हमारा प्‍लान पहले 10 ओवरों में टिक कर खेलने का था। हमने ये निणर्य लिया था कि शुरुआत में हम बड़े शॉट नहीं खेलेंगे, लेकिन स्‍मृति मंधाना और दिप्‍ती शर्मा ऑस्‍ट्रेलियाई गेंदबाजों को अपनी विकेट आसानी से देकर पवेलियन लौट गए।”

हरमनप्रीत के मुताबिक, ” पहले पांच छह बल्‍लेबाजों को बड़ा लक्ष्‍य देने के लिए जिम्‍मेदारी उठानी चाहिए थी। कभी कभी ओपनिंग में आने वाले बल्‍लेबाज हमे अच्‍छी शुरुआत दे देते हैं। कई बार निचले क्रम के बल्‍लेबाज अच्‍छा प्रदर्शन करते हैं। हम हर बार निचले क्रम के बल्‍लेबाजों पर अच्‍छा प्रदर्शन करने के लिए निर्भर नहीं हो सकते हैं। पहले पांच से छह बल्‍लेबाजों को रन बनाने ही होंगे।” बीमारी के चलते कप्‍तान मिताली राज पहला मैच नहीं खेल सकी थी, जिसके कारण कप्‍तानी की कमान हरमनप्रीत कौर ने संभाली। टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने लगातार अंतराल पर अपने विकेट खोए। नोवें नंबर पर खेलने आई 18 साल की पूजा वस्त्राकर ने इस मैच में एक रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्‍होंने इतने निचले क्रम पर बल्‍लेबाजी करने के लिए आने के बावजूद 56 गेंदों पर 51 रन की पारी खेली। महिला क्रिकेट के इतिहास में नोवें नंबर पर ये सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड है। इस पारी की बदौलत ही भारत ने 200 रन का आंकड़ा छूने में कामयाबी हासिल की थी।