I closed my eyes before the last ball of the match, Dinesh Karthik saved me: Vijay Shankar
विजय शंकर (फोटो साभार; ट्विटर/बीसीसीआई)

घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्‍छे प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में जगह बनाने वाले विजय शंकर अपने जीवन में निदहास ट्रॉफी फाइनल मैच को कभी भूल नहीं पाएंगे। 18वें ओवर में लगातार डॉट बॉल खेलने के बाद टीम को बैकफुट पर ढकेलने वाले विजय शंकर चाह कर भी इस तनाव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। शंकर ने कहा, “मैं हर वक्‍त ये ही सोचता रहता हूं कि अगर दिनेश कार्तिक मैच की अंतिम गेंद पर छक्‍का लगाकर टीम को नहीं जिताते तो मेरा क्‍या होता।”

श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच के बाद शाकिब अल हसन ने ड्रेसिंग रूम का कांच तोड़ा था: रिपोर्ट
श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच के बाद शाकिब अल हसन ने ड्रेसिंग रूम का कांच तोड़ा था: रिपोर्ट

मैच के आखिरी ओवरों के पलों को याद करते हुए शंकर ने कहा, “आखिरी गेंद पर मैच जीतने के लिए केवल छक्‍के की ही दरकार थी। मैं ड्रेसिंग रूम में बैठा था। तनाव के चलते मैने अपना हैलमेट तक नहीं उतारा था। दिनेश कार्तिक बैटिंग कर रहे थे और मैने अपनी आंखे बंद कर ली। मन में बस एक ही कामना थी कि दिनेश कार्तिक शार्ट मारकर किसी तरह गेंद को स्‍टैंड्स तक पहुंचा दें। ऐसा हो पाना थोड़ा मुश्किल भी नजर आ रहा था। मैने जब अपनी आंखे खोली तो सच में ऐसा हो गया। मैदान में मौजूद फैन्‍स जीत का जश्‍न मनाने लगे। तब जाकर मैने चैन की सांस ली।”

विजय शंकर ने बताया,” आउट होने के बाद से लेकर जीत के वो 15 से 20 मिनट मेरे लिए कई घंटों के बराबर थे। मैं कार्तिक भाई का शुक्र गुजार हूं कि उन्‍होंने ये मैच जिता दिया। मुझे बल्‍लेबाजी क्रम में उपर खेलने का मौका मिला। ये मेरे लिया भी चौकाने वाला था। मैं बॉल से बल्‍ला कनेक्‍ट करने में भी संघर्ष कर रहा था। मेरे इस प्रदर्शन के कारण जीत के लिए जरूरी रनरेट बढ़ती जा रही थी”

शंकर ने आगे बताया, ” मैं जैसे ही होटल पहुंचा तो मैने खुद को कमरे में बंद कर लिया,लेकिन कुछ ही मिनट बाद साथी खिलाड़ियों ने मेरे कमरे का दरवाजा खटखटाया। मेरे सामने दिनेश कार्तिक थे। उन्‍होंने शुरू से ही मेरे करियर में मदद की है। तमिलनाडु की तरफ से खेलते हुए वे अक्‍सर मुझे प्रेशर सिचुवेशन में अपनी नसों पर काबू रखने की सीख देते थे। “ टीम के साथी खिलाड़ियों ने मेरा हौसला बढ़ाते हुए कहा कि खुद पर इतना नाराज और कठोर होने की कोई जरूरत नहीं है। अक्‍सर ऐसा सभी खिलाड़ियों के साथ होता है।”