ICC: Ball tampering now a level 3 offence; 6 Tests or 12 ODIs ban can be imposed
Dave Richardson © AFP

आईसीसी ने बॉल टैंपरिंग और स्लेजिंग जैसे आरोपों के लिए कड़ी सजा का ऐलान किया है। मार्च में दक्षिण अफ्रीका-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच के दौरान सामने आए बॉल टैंपरिंग मामले के बाद से ही सजा कड़ी किए जाने की चर्चा की जा रही थी। इस मामले में आरोपी साबित हुए स्टीवन स्मिथ, डेविड वार्नर पर एक-एक साल और कैमरून बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का बैन लगाया गया था।

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आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर ने कहा, “ये जरूरी है कि हमारे खेल में आचरण के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों और प्रशासकों के लिए मजबूत नियम हों। हमारे पास एक बिलियन से अधिक प्रशंसक हैं और हम उनमें से किसी को भी इस खेल की अखंडता पर संदेह करने का कोई कारण नहीं देना चाहते।”

आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट में हुआ बदलाव साल के आखिर तक जारी होगा। इसमें बॉल टैपरिंग के अलावा स्लेजिंग, अभद्र टिप्पणी करना, अंपायर का विरोध करना और गेंद की स्थिति बदलने के आरोपों की सजा भी कड़ी कर दी गई है।

बॉल टैंपरिंग मामलों को अब लेवल तीन का अपराध माना जाएगा और इसमें 12 सस्पेंशन प्वाइंट तक दिए जा सकते हैं। जो कि 6 टेस्ट मैचों और 12 वनडे मैचों के बैन के बराबर है।

आईसीसी के आधिकारिक बयान में कहा गया, “बोर्ड इस बात पर चर्चा करने के लिए भी तैयार है कि खिलाड़ियों को व्यवहार के लिए उनके देश के बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया जाय। और जब किसी खिलाड़ी पर लगे आरोप तय सीमा को पार कर जाए तो बोर्ड पर भी जरूरी बैन लगाए जाएं।”

आईसीसी प्रमुख डेविड रिचर्डसन ने कहा, “हमारी साफ इच्छा क्रिकेट को ऐसा खेल बनाने की है, जिस पर लोग भरोसा करें और हम उस खेल भावना के साथ जिएं दो कि 21वीं सदी के अनुकूल हो। सम्मान का कल्चर तैयार करने की कोशिश में, बोर्ड इस बात पर सहमत है कि सदस्यों को एक दूसरे का सम्मान करने के साथ-साथ ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी टीम भी एक-दूसरे, खेल और मैच अधिकारियों का सम्मान करें।”