ICC in favor of harsh punishment for Ball-Tampering
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आईसीसी इस महीने के आखिर में होने वाली सालाना कांफ्रेंस में गेंद से छेड़छाड़ के मामलों में कड़ी सजा की पैरवी करेगी। हाल ही में श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरून बैनक्रॉफ्ट भी गेंद से छेड़छाड़ मामले में दोषी पाए गए थे। लगातार इस तरह के मामले सामने आने के बाद आईसीसी अब इस तरह के अपराधों को लेवल दो से लेवल तीन का करने पर विचार कर रही है।

श्रीलंकाई कप्तान चांदीमल ने खुद को 'बॉल टैंपरिंग' मामले में बेकसूर बताया
श्रीलंकाई कप्तान चांदीमल ने खुद को 'बॉल टैंपरिंग' मामले में बेकसूर बताया

अभी तक लेवल दो के अपराध में एक टेस्ट या दो वनडे के लिए बैन का लगता है जबकि लेवल तीन में खिलाड़ी पर चार टेस्ट या आठ वनडे का बैन लगाया जाता है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने क्रिकइंफो से कहा कि क्रिकेट समिति का मानना है कि गेंद से छेड़छाड़ के मामले धोखेबाजी के हैं और खेल भावना के विपरीत हैं।

गेंद से छेड़छाड़ या स्थिति बदलने पर क्या सजा मिलती है

आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट का आर्टिकल 2.2.9 टेस्ट मैच, वनडे और टी20 के खेल की शर्तो के उपनियम 41.3 को तोड़ने से संबंधित है। ये गेंद को पॉलिश करने के अलावा किसी भी मकसद के लिए गेंद पर किसी भी तरह की कृत्रिम और गैर-कृत्रिम चीज इस्तेमाल करने और गेंद को जानबूझकर जमीन पर फेंकने जैसी चीजों पर बैन लगाता है।

क्या है पूरा मामला

आईसीसी के बयान के मुताबिक मैदानी अंपायर अलीम डार और इयान गोल्ड ने वेस्टइंडीज-श्रीलंका मैच के दूसरे दिन गेंद की स्थिति पर चिंता जाहिर की थी। आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ ने मैच के तीसरे दिन सुबह वेस्टइंडीज को पांच रन अतिरिक्त दे दिए। श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने इसका विरोध करते हुए मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया। ऐसे में मैच दो घंटे की देरी से शुरू हुआ।