ICC to review punishment for ball-tampering
डेविड रिचर्डसन © AFP

आईसीसी ने ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के ताजा मामले को देखते हुए के गेंद से छेड़छाड़ पर दी जाने वाली सजा पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है। काउंसिल का मानना है कि अगर इस पर कोई कड़ा फैसला नहीं लिया गया तो इस तरह की घटना खेल के लिए घातक साबित हो सकती है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में स्टीवन स्मिथ और डेविड वॉर्नर  पर एक-एक साल और सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का बैन लगाया है। तीनों खिलाड़ी अपनी सजा के दौरान अंतरार्ष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से दूर रहेंगे। मौजूदा नियमों के हिसाब से आईसीसी स्मिथ पर एक टेस्ट मैच से ज्यादा का बैन नहीं लगा सकती थी।

मैंने झूठ बोला... मुझे माफ कर दीजिए: कैमरून बैनक्रॉफ्ट
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इस बारे में आईसीसी प्रमुख डेविड रिचर्डसन ने कहा, “हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ना केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि गेंद से छेड़छाड़ के मामलों को और गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ये खेल भावना से जुड़ा है। सच कहूं तो ये मामला मेरे लिए आंखे खोलने वाला था। हम गेंद से छेड़छाड़ से जुड़े जुर्माने और सजा पर विचार करना होगा। पूरी दुनिया गेंद से छेड़छाड़ को धोखेबाजी मानती है, मुझे लगता है कि हमें इस पर फिर से विचार करना होगा और इस वजह से रिव्यू किया जा रहा है।”

रिचर्डसन ने कहा है कि इस मामले के रिव्यू के लिए एक विस्तार समिति को नियुक्त किया जाएगा, जिसमें एलन बॉर्डर, अनिल कुंबले, शॉन पॉलक और कॉर्टनी वॉल्श जैसे दिग्गज पूर्व क्रिकेटर शामिल होंगे। ये ‘रेत में सीमा रेखा खींचने’ और इस खेल के बारे में सोचने वाले फैंस से जुड़ने का मौका है।” उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर से ताजा मामले पर आ रही प्रतिक्रिया से साफ है कि अगर हम खेल के तरीके पर ध्यान नहीं देंगे को खेल खतरे में आ जाएगा।”

रिचर्डसन ने गेंद से छेड़छाड़ के अलावा हाल में मैदान पर हुए स्लेजिंग और अभद्र टिप्पणी करने के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा, “बोर्ड के पूरे समर्थन के साथ, हम खिलाड़ियों के कोड ऑफ कंडक्ट पर विस्तार से रिव्यू करेंगे और खासकर खेल भावना को ध्यान में रखकर। हम चाहते हैं कि सदस्य देश अपने खिलाड़ियों को बर्ताव को ध्यान में लाए और उसकी जिम्मेदारी लें। ये केवल ऑस्ट्रेलिया नहीं बल्कि सभी टीमों पर लागू होता है।”