विराट कोहली  © AFP
विराट कोहली © AFP

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने संकेत दिया है कि अजिंक्य रहाणे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में खेले जाने वाले पहले वनडे मैच में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करेंगे। मैच की शाम को मीडिया से बातचीत करते हुए कोहली ने कहा कि रहाणे जानते हैं कि उनकी योजनाएं साफ हैं और भारतीय टीम उनका शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए समर्थन कर रही है।

अजिंक्य रहाणे करेंगे ओपनिंग: कोहली ने कहा, “यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह विभिन्न भूमिकाएं निभाए जो टीम उनसे करवाना निभवाना है। मैं नहीं कहता कि यह आसान है। देखिए अजिंक्य रहाणे वनडे और टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में खेलते हैं और फिर उन्होंने वनडे में भी ओपनिंग की है। उन्होंने ये भी महसूस किया कि बैटिंग पोजीशन बदलने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। अब हम टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करने के लिए रहाणे का समर्थन कर रहे हैं इसलिए वह जानते हैं कि उनकी योजनाएं साफ हैं। जब खिलाड़ी को आप ज्यादा मौके देते हैं तो वह टीम में अपने स्थान को लेकर ज्यादा आश्वस्त हो जाता है।”

जैसा कि 5 मैचों की वनडे सीरीज रविवार से शुरू हो रही है। ऐसे में कोहली ने कहा कि भारत हर सीरीज एक जैसे अंदाज में खेलती है, बजाय ये सोचने के कि विपक्षी टीम कौन है। हाल ही में टीम इंडिया ने श्रीलंका को उसकी ही सरजमीं पर वनडे में 5-0 से हराया था।

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विपक्षी टीम को देखते हुए नहीं अपने अंदाज में तैयारी कर रही है टीम इंडिया: कोहली ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें किसी भी सीरीज को अलग तरह से देखने की जरूरत है। जैसा कि श्रीलंका में मैंने इस बात का जिक्र किया था कि किसके खिलाफ आप खेल रहे हो इससे ज्यादा आपकी तैयारियां मायने रखती हैं। आप विपक्षी टीम की कमजोरी और मजबूती का आंकलन कर सकते हो लेकिन आप जिसके खिलाफ खेल रहे हो उसके हिसाब से अपनी तीव्रता को एकदम से घटा-बढ़ा नहीं सकते। यह स्पोर्ट्स के लिए ठीक नहीं है और इस चीज पर एक टीम के तौर हम विश्वास नहीं करते। इसलिए हम अपने हिसाब से तैयारी करते हैं बजाय ये देखते हुए कि हम किसके खिलाफ खेलने जा रहे हैं।”

हर पोजीशन पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहें बल्लेबाज: टीम में संतुलन के बारे में बातचीत करते हुए कोहली ने कहा कि अगर बल्लेबाज सभी फॉर्मेट में एक ही पोजीशन पर बल्लेबाजी करना चाहता है तो टीम को संतुलन बनाने में कठिनाई होगी। उन्होंने बल्लेबाजों से अनुरोध किया कि वे हर पोजीशन पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहें।

कोहली ने कहा, “अगर आप सभी फॉर्मेट में एक ही पोजीशन पर बल्लेबाजी करने चाहते हैं, तो टीम को सही संतुलन बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को जरूरत के आधार पर अपने आपको ढालने की जरूरत है। उदाहरण के तौर पर मैंने टी20 क्रिकेट में ओपनिंग की है और मैं किसी भी दिन ओपनिंग कर सकता हूं, अगर कोई बल्लेबाज मिडिल ऑर्डर को मजबूती देने के लिए तैयार हो। मुझे ये करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। मैंने नंबर चार और टॉप ऑर्डर पर भी बल्लेबाजी की है।”

बदली हुई रणनीति के साथ उतरेगी टीम इंडिया: पहले तीन मैचों के लिए टीम इंडिया अपने दो बेहतरीन स्पिनरों रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन के बगैर खेलेगी। लेकिन कोहली का मानना है कि दुनिया की ज्यादातर टीमें दो ऑलराउंडर चाहती हैं जो अच्छे फील्डर भी हों। उन्होंने आगे कहा कि तीन गेंदबाजों के साथ दो ऑलराउंडर खिलाना नई रणनीति है।

उन्होंने कहा, “कई टीमें अपने आपको सशक्त बनाने के लिए उच्च स्तर के प्रयास कर रही हैं। आपको बैटिंग में गहराई चाहिए और गेंदबाजी में भी गहराई चाहिए। टीम में दो ऑल-राउंडर होने से सही संतुलन मिलता है।”

शतक लगाने के लिए नहीं खेलते विराट कोहली: कोहली ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि पर बातचीत करते हुए कहा कि वह कभी भी शतक लगाने के लिए नहीं खेलते। वह सिर्फ भारत के लिए मैच जीतना चाहते हैं और उसी जद्दोजहद में वह शतक बना देते हैं। कोहली पहले से ही अपने नाम 30 शतक कर चुके हैं।

कोहली ने कहा, “मैं शतक लगाने के लिए नहीं खेलता इसलिए मैं अक्सर शतक लगा देता हूं क्योंकि मैं इसके बारे में नहीं सोचता। मैं उपलब्धि हासिल करने के दौरान अपने ऊपर दबाव को हावी नहीं होने देता। मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण टीम के लिए मैच जीतना है। अगर हम मैच जीतते हैं और मैं 98 और 99 पर नॉट आउट रहता हूं तो मायने नहीं रखता। इस प्रक्रिया में आखिरकार शतक लग जाता है क्योंकि आप अंत तक रुकना चाहते हैं और अगर ज्यादा रन बनाने हैं तो आप उपलब्धि हासिल कर लेते हो।”