साभार- बीसीसीआई ट्विटर अकाउंट
साभार- बीसीसीआई ट्विटर अकाउंट

साल 2017 में विजयपथ पर चलते वाली टीम इंडिया अब द.अफ्रीका के अग्निपथ पर चलने वाली है। विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया शुक्रवार से द.अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में पहला टेस्ट खेलेगी। ये टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए इसलिए अहम है क्योंकि उसने पिछले साल लगातार 9 सीरीज पर कब्जा किया है लेकिन उसने कभी द.अफ्रीका में टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। भारत ने 2015 से कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी है। उसने इस विजय अभियान की शुरुआत श्रीलंका को उसके घर में 2-1 से हराकर की थी। इसके बाद उसने अपने घर में ही दक्षिण अफ्रीका को मात दी थी।

हालांकि भारत दक्षिण अफ्रीका में 1992 से एक भी सीरीज नहीं जीता है। उसने इस दौरान चार सीरीज गंवाई हैं और एक सीरीज ड्रॉ खेली है। भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2010-11 में सीरीज ड्रॉ की थी। वैसे मौजूदा क्रिकेट में भारतीय टीम के पास वो कुव्वत है कि वो किसी को भी कहीं भी मात दे सकती है। उसके बल्लेबाज हर परिस्थिति में रन बना सकते है। वहीं गेंदबाजी आक्रमण, विशेषकर तेज गेंदबाजी आक्रमण इस टीम का जैसा है वैसा अतीत में भारत की किसी भी टीम का नहीं रहा है।

टीम इंडिया को कौन जिताएगा?
बल्लेबाजी में भारत का दारोमदार चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली के ऊपर सबसे ज्यादा होगा। इन दोनों ने 2017 में काफी रन बनाए हैं। पुजारा बीते साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे और कोहली चौथे स्थान पर रहे हैं। इन दोनों के अलावा टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। रहाणे ने अभी तक लगभग हर विदेशी जमीन पर अपने बल्ले का लोहा मनवाया है। वहीं सलामी बल्लेबाज शिखर धवन, के एल राहुल और मुरली विजय तीनों फॉर्म में हैं। कोहली प्लेइंग इलेवन में किस सलामी जोड़ी के साथ जाते हैं, ये मैच के दिन ही पता चलेगा।

कोहली विदेशी जमीन के हिसाब से टीम में बदलाव कर सकते हैं। वो भारत में दो स्पिनरों के साथ खेले थे, लेकिन हो सकता है कि वो एक स्पिनर को आराम देते हुए और अतिरिक्त बल्लेबाज या तेज गेंदबाज के साथ जाएं। भारत को इस दौरे पर सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण से हैं। उसके पास मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार के रूप में बेहतरीन तेज गेंदबाजी आक्रमण है। वनडे क्रिकेट के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उनके होने से तेज गेंदबाजी आक्रमण और पैना हो गया है। इन सभी के पास वो काबिलियत है जो दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर एक तेज गेंदबाज को चाहिए होती है।

द.अफ्रीका बेहद मजबूत
वहीं टेस्ट में दूसरे नंबर पर काबिज दक्षिण अफ्रीका अपने घर में हर लिहाज से हावी है, लेकिन वो जानती है कि भारतीय टीम बेहद मजबूत मानसिकता और बेहतरीन संतुलन के साथ उसे चुनौती देने आई है। मेजबानों के पास ए बी डीविलियर्स, फाफ डु प्लेसी, हाशिम अमला जैसे बल्लेबाज हैं साथ ही द.अफ्रीका के पास क्विंटन डी कॉक भी उसके लिए अहम योगदान दे सकते हैं।
गेंदबाजी में अफ्रीकी टीम डेल स्टेन, क्रिस मौरिस की वापसी से मजबूत हुई है। इन दोनों के अलावा उसके पास फिलेंडर, कागिसो रबाडा जैसे घातक गेंदबाज हैं जो भारत को परेशानी में डाल सकते हैं।

टीम: भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या, लोकेश राहुल।

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दक्षिण अफ्रीका : फाफ डु प्लेसी (कप्तान), ए बी डीविलियर्स, एडिन मार्कराम, हाशिम अमला, टेम्बा बावुमा, आंदिले फेहुलक्वायो, केशव महाराज, कागिसो रबाडा, मॉर्ने मॉर्कल, डेल स्टेन, क्रिस मौरिस, वेर्नोन फिलेंडर, थेयुनिस डी ब्रून।