India vs South Africa: ICC declares Wanderers’ pitch as bad
डीन एल्गर-हाशिम आमला © AFP

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच के दौरान न्यू वांडरर्स स्टेडियम की पिच का काफी आलोचना हुई थी। मैच के दौरान असमान उछाल की वजह से विराट कोहली, मुरली विजय, अजिंक्य रहाणे, हाशिम आमला और डीन एल्गर चोटिल होने से बचे। मैच खत्म होने के बाद आईसीसी ने इस मामले पर चर्चा की और काउंसिल ने आज वांडरर्स की पिच को खराब करार दिया है। पिच को तीन डिमेरिट अंक मिले हैं। भारत ने इस मैच में शानदार वापसी करके 63 रन से जीत दर्ज की लेकिन ये विकेट चर्चा का विषय रहा क्योंकि दोनों टीमों के कई बल्लेबाजों को अप्रत्याशित उछाल और बहुत अधिक सीम मूवमेंट के कारण चोटें भी लगी।

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मैच के तीसरे दिन जब जसप्रीत बुमराह का बाउंसर डीन एल्गर के हेलमेट पर लगा तो मैदानी अंपायरों ने खेल रोक दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि खेल जारी रखना खतरनाक होगा। आईसीसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, ‘‘आईसीसी मैच रेफरियों के एलीट पैनल के सदस्य एंडी पायक्राफ्ट ने वांडरर्स स्टेडियम की पिच को खराब करार दिया है और आईसीसी पिच एवं आउटफील्ड मानिटरिंग प्रक्रिया के तहत इसे तीन डिमेरिट प्वाइंट दिए गए हैं।’’

नियमों के अनुसार मैच रेफरी जिस पिच को औसत से कमतर करार देता है उसे एक डिमेरिट प्वाइंट दिया जाता है जबकि जिन पिचों को ‘खराब’ और ‘खेलन योग्य नहीं यानि अनफिट’ करार दिया जाता है उन्हें तीन और पांच डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं। वांडरर्स में मैच पूरा हुआ था और इसलिए आईसीसी मैच रेफरी ने इसे अनफिट करार नहीं दिया, जिससे उसे पांच नही बल्कि केवल तीन डिमेरिट प्वाइंट मिले हैं।

आईसीसी के अनुसार डिमेरिट प्वाइंट्स पांच साल तक प्रक्रिया में बने रहेंगे और अगर इस दौरान वांडरर्स स्टेडियम पांच डिमेरिट प्वाइंट्स तक पहुंचता है तो उस पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आयोजन के लिए एक साल के लिए निलंबित किया जाएगा। पायक्राफ्ट की रिपोर्ट क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को भी भेजी गयी है। इसमें उन्होंने कहा, ‘‘अंतिम टेस्ट मैच के लिए जो पिच तैयार की गयी वह खराब थी। इसमें अनिश्चित उछाल और बहुत ज्यादा सीम मूवमेंट था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैच आगे बढ़ने के साथ यह और खराब होती गई जिससे बल्लेबाजी करना बहुत मुश्किल हो गया जिसके कारण दोनों टीमों के फीजियो को अपने बल्लेबाजों की मदद के लिए कई बार मैदान पर जाना पड़ा। मैदानी अंपायर भी खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं तथा उन्होंने तीसरे दिन के खेल के बाद पिच के व्यवहार पर चिंता जतायी थी और इस पर चर्चा की थी कि क्या मैच जारी रखना उचित होगा। आखिर में अंपायरों ने मैच जारी रखने का फैसला किया और चौथे दिन इसका खत्म हो गया। लेकिन जब टेस्ट मैच समाप्त हुआ तब भी इसमें बहुत अधिक असमान उछाल और सीम मूवमेंट था। ’’