एम एस धोनी © AFP
एम एस धोनी © AFP

तीसरे वनडे मैच में एम एस धोनी ने कुछ ऐसा किया जिसने भारतीय फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। धोनी की तेजी ने उपुल थरंगा को मुश्किल में डाल दिया और उनके शतक लगाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उपुल थरंगा जब 95 रन पर थे तब कुलदीप यादव की गेंद वो समझ नहीं सके और गेंद उन्हें छकाती हुई धोनी के हाथों में चली गई। धोनी ने बिना कोई देर किए लगभग बिजली की रफ्तार से गेंद को विकेटों पर मार दिया और अपील करने लगे। हालांकि पहली नजर में लग रहा था कि थरंगा नॉट आउट हैं।

अपील के बाद मैदानी अंपायर ने थर्ड अंपायर की तरफ इशारा किया। रीप्ले को बार-बार देखने के बाद थर्ड अंपायर ने थरंगा को आउट करार दिया। स्क्रीन पर जैसे ही आउट लिखा नजर आया वैसे ही दर्शकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और हर कोई धोनी-धोनी चिल्लाने लगा। आपको बता दें कि उपुल थरंगा दुर्भाग्यशाली रहे और अपने शतक से मात्र 5 रन से चूक गए। एक समय लग रहा था कि थरंगा आसानी से अपना शतक पूरा कर लेंगे लेकिन जब वो 95 पर थे तो कुलदीप की गेंद पर वो गच्चा खा गए और धोनी ने स्टंप आउट कर उन्हें शतक नहीं बनाने दिया।

 

नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए उपुल थरंगा, 95 पर हुए स्टंप आउट
नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए उपुल थरंगा, 95 पर हुए स्टंप आउट

हालांकि थंरगा ने साल 2017 में अपने 1,000 रन पूरे कर लिए। थरंगा सिर्फ तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने इस साल 1,000 या इससे ज्यादा रन बनाए हैं। थरंगा के अलावा रोहित शर्मा (1,286*) और विराट कोहली (1,460) हैं। थरंगा ने 82 गेंदों में 12 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 95 रन बनाए। थरंगा ने करो या मरो के मुकाबले में अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए बल्लेबाजी की। थरंगा ने मैदान पर आते ही तेजी से बल्लेबाजी शुरू कर दी और टीम इंडिया के गेंदबाजों के खिलाफ हल्ला बोल दिया। थरंगा ने पहले विकेट के लिए दनुष्का गुनातिलाका के साथ 15 और सदीरा समराविक्रमा के साथ दूसरे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी की। थरंगा ने अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं मैच में थरंगा ने जसप्रीत बुमराह के एक ओवर में लगातार 5 चौके भी जड़े।