हार्दिक पांड्या  © AFP
हार्दिक पांड्या © AFP

पल्लेकेले टेस्ट के दूसरे दिन लंच तक टीम इंडिया ने 9 विकेट पर 487 रन बना लिए हैं। पहला सेशन हार्दिक पांड्या के नाम रहा। उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक शानदार अंदाज में महज 86 गेंदों में लगाया। उन्होंने इस दौरान 7 गगनचुंबी छक्के और 7 चौके लगाए। टेस्ट क्रिकेट इतिहास में यह भारत की ओर से लगाया गया पांचवां सबसे तेज शतक है। पांड्या ने अपना शतक चौका लगाकर पूरा किया।  नंबर 8 पर बल्लेबाजी करते हुए भारत की ओर से टेस्ट में यह सबसे तेज शतक है। लंच तक हार्दिक पांड्या 108 और उमेश यादव 3 रन बनाकर क्रीज पर हैं। दोनों बल्लेबाज 10वें विकेट के लिए 63 रन जोड़ चुके हैं।

आज सुबह कल के स्कोर 329/6 से आगे खेलने उतरी टीम इंडिया को पहला झटका दिन के दूसरे ओवर में ही रिद्धिमान साहा के रूप में लगा। साहा विश्वा फर्नांडो की गेंद पर दिलरुवान परेरा को कैच दे बैठे। उन्होंने 16 रन बनाए। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने आठवें विकेट के लिए कुलदीप यादव के साथ 62 रनों की साझेदारी निभाई। कुलदीप 26 रन बनाकर आउट हुए। कुलदीप यादव के आउट होने के बाद हार्दिक पांड्या ने जमकर हिटिंग की और अपना दूसरा टेस्ट अर्धशतक लगाया।

अर्धशतक लगाने के थोड़ी देर बाद उनके पार्टनर मोहम्मद शमी भी आउट हो गए। शमी ने 8 रन बनाए। शमी के आउट होने के बाद टीम इंडिया का एकमात्र विकेट उमेश यादव बचा था। ऐसे में हार्दिक ने मोर्चा खोल दिया और उन्होंने मलिंडा पुष्पाकुमारा के एक ओवर में तीन छक्के और 2 चौकों के साथ 26 रन बटोर लिए। यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज के द्वारा टेस्ट मैच के एक ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। श्रीलंका की ओर से लक्षन संदाकन ने 4, मिलिंडा पुष्पाकुमारा ने 3 और विश्वा फर्नांडो ने दो विकेट लिए हैं। [ये भी पढ़ें: वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन आज, किसे मिलेगा मौका?]

 

पहले दिन विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान विराट कोहली ने अपनी टीम में एक परिवर्तन किया। पिछले मैच में सस्पेंड किए गए रवींद्र जडेजा की जगह इस मैच में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया गया।

शिखर धवन और के एल राहुल ने टीम इंडिया को गजब की शुरुआत दिलाई। के एल राहुल ने गेंद पर आंखें जमाई लेकिन दूसरी ओर शिखर धवन क्रीज पर आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर धावा बोलते नजर आए। टीम इंडिया ने अपने 50 रन सिर्फ 55 गेंदों में पूरे कर लिए। 100 रनों के लिए टीम इंडिया ने सिर्फ 107 गेंदों का समय लिया।

खेल के पहले सेशन में टीम इंडिया ने कोई विकेट नहीं गंवाया था। तीन विकेट टीम इंडिया ने दूसरे सेशन में ही गंवाए। पहला विकेट 40वें ओवर में केएल राहुल के रूप में गिरा। राहुल ने 85 रन बनाए। इस तरह से पहले विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी टूट गई। 48वें ओवर में शतक बनाने के थोड़ी देर बाद धवन भी आउट हो गए। धवन ने 119 रन बनाए। धवन का टेस्ट में यह छठवां शतक है।

विदेशी सरजमीं पर यह धवन का पांचवां शतक है। इसका मतलब है कि अपने देश में धवन ने एक ही शतक लगाया है। धवन के आउट होने के तीन ओवर बाद ही चेतेश्वर पुजारा (8) भी आउट हो गए। इस तरह से टीम इंडिया के 229 रनों पर 3 विकेट आनन-फानन में गिर गए। इस विपरीत परिस्थिति में विराट कोहली और रहाणे ने पारी को संभालना शुरू किया। लेकिन टी के बाद गेंद टर्न होने लगी।

खामियाजन पुष्पाकुमारा ने अजिंक्य रहाणे को एक खूबसूरत गेंद पर बोल्ड कर दिया। रहाणे ने 17 रन बनाए और 35 रनों की साझेदारी जो उन्होंने कोहली के साथ चौथे विकेट के लिए निभाई थी वह टूट गई। इसके बाद कोहली अश्विन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाने लगे। दोनों ही बेहद धीमी बल्लेबाजी कर रहे थे।

13 ओवरों बाद जब कोहली अर्धशतक के करीब लग रहे थे तभी वह संदाकन की गेंद पर एक लापरवाही भरा स्ट्रोक खेलकर 42 रन बनाकर आउट हो गए। उसके बाद बल्लेबाजी करने आए आर. अश्विन और रिद्धिमान साहा ने काफी देर तक विकेट नहीं गिरने दिया लेकिन पारी के 88वें ओवर में अश्विन (31) को विश्वा फर्नांडो ने आउट कर दिया। इस तरह से छठवें विकेट के लिए निभाई गई 26 रनों की साझेदारी टूट गई। दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 6 विकेट पर 329 का स्कोर बना लिया है।