IPL 2018 Auction: Yuvraj Singh under pressure after poor performance in Syed Mushtaq Trophy
युवराज सिंह © Getty Images

2015 और 2016 के आईपीएल सीजन में लगातार सबसे महंगे खिलाड़ी रहे युवराज सिंह की खराब फार्म के कारण आईपीएल के 11वें सीजन की नीलामी से पहले दबाव में हैं। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे युवराज की राष्ट्रीय टीम में वापसी के आसार नहीं नजर आ रहे हैं वहीं आईपीएल टीमें भी उन्हें खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। दरअसल इसकी सबसे बड़ी वजह युवराज का दो करोड़ का बेस प्राइज है। वहीं घरेलू टूर्नामेंट में भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है।

सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में युवराज ने 9 मैचों में 96.29 की औसत से केवल 208 रन बनाए हैं। जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। उनके लिये इससे भी ज्यादा बुरी बात यह है कि उन्होंने ज्यादातर मौकों पर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की और कभी ऐसा नहीं लगा कि खेल पर उनका नियंत्रण है। पंजाब के सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने का एक कारण उनकी धीमी बल्लेबाजी को भी बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर फ्रेंचाइजी टीमें आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोल रही हैं लेकिन यह पता चला है कि युवराज का भविष्य इस बात पर भी निर्भर करेगा कि नीलामी प्रक्रिया में उन्हें किस पूल में रखा जायेगा।

जोहान्सबर्ग टेस्ट: अजिंक्य रहाणे की शानदार पारी से भारत मजबूत; चाय तक 192 रनों की बढ़त
जोहान्सबर्ग टेस्ट: अजिंक्य रहाणे की शानदार पारी से भारत मजबूत; चाय तक 192 रनों की बढ़त

आईपीएल से जुड़े एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा, ‘‘इससे पहले दिल्ली डेयरडेविल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, सनराइजर्स हैदराबाद ने युवराज को पिछली नीलामियों में ज्यादा कीमत में खरीदने के बाद उन्हें एक सीजन के बाद ही टीम से मुक्त कर दिया था। क्योंकि वह अपनी कीमत के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। टीम के 14 मैचों में ये साफ नहीं है कि युवराज में इतनी क्षमता बची है कि नहीं कि वह पांच या छह मैचों के नतीजे प्रभावित कर सकते हैं। उनकी गेंदबाजी भी पहले के मुकाबले अब कहीं नहीं ठहरती और क्षेत्ररक्षण में भी गिरावट आयी है। अगर कोई उन्हें आधार कीमत पर भी खरीदता है तो वह खुशकिस्मत होंगे। शायद किंग्स इलेवन पंजाब उनमें दिलचस्पी ले जिसके साथ उन्होंने शुरूआती तीन सत्र खेला था।’’

युवराज के खिलाफ एक और बात यह है कि गौतम गंभीर और हरभजन सिंह की तरह वह कप्तान के तौर पर नहीं देखे जा रहे क्योंकि किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए मैदान पर उतरने वाले 11 खिलाड़ियों में वह शामिल होंगे या नहीं यह भी तय नहीं है।