IPL 2018: I am proud of the character CSK is showing, says coach Stephen Fleming
स्टीफेन फ्लेमिंग © IANS

इंडियन प्रीमियर लीग के 2018 में लगातार दो मैच जीतने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स को किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मैच में पहली हार का सामना करना पड़ा। 198 के लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अर्धशतकीय पारी की मदद के चेन्नई जीत के बेहद करीब आ गई थी लेकिन मोहित शर्मा की सटीक गेंदबाजी की वजह से पंजाब टीम 4 रनों से ये मैच जीत गई। मैच हारने के बावजूद चेन्नई के कोच स्टीफेन फ्लेमिंग ने खिलाड़ियों की तारीफ की और कहा, “जहां पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीतती आ रही है, उस मैच में हमारी तरफ से कई अच्छे प्रदर्शन देखने को मिले। खिलाड़ी जिस तरह का चरित्र दिखा रहे हैं उस पर मुझे गर्व है। हम लड़ रहे हैं।”

फ्लेमिंग ने आगे कहा, “मुझे वो खेल अच्छा लगेगा जहां हम 140 पर विपक्षी टीम को आउट कर देंगे लेकिन प्रतियोगिता बहुत कड़ी है। विकेट सबसे ज्यादा जरूरी हैं इसलिए हमें उस पर भरोसा करना होगा और सही कॉम्बिनेशन चुनना होगा। लेकिन देखें, हम ज्यादा दूर नहीं है। हम हर मैच में लड़ रहे हैं और इस मैच में भी हम जीत के बेहद करीब पहुंचे थे। इसलिए दुखी होने का कोई कारण नहीं है। हम अच्छे दिख रहे हैं और बेहतर होने का मौका हमेशा ही रहता है। टूर्नामेंट अब भी शुरुआती दौर में हैं और हमने घरेलू मैदान पर हुए ड्रामे और चोट के बावजूद तीन मैचों में दो जीत हासिल की हैं।”

वीडियो: मैच के दौरान पापा को गले लगाना चाहती थी जीवा
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महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ की

फ्लेंमिंग ने आगे बात करते हुए कहा, ” “जब आप रनों का पीछा कर रहे होते हैं तो आप एक अनिश्चित खेल में होते हो। इसलिए आप देख परख कर जोखिम लेते हो। आपने देखा कि धोनी ने किस तरह नपा तुला खतरा उठाया। मोहित शर्मा ने कुछ बेहतरीन यॉर्कर गेंदे डाली जिस वजह से हम जीत नहीं पाए। खेल जिस तरह आगे जा रहा था, रिस्क उठाने और खिलाड़ियों के गेंद को हिट करने की क्षमता निश्चित है। एक ओवर में 15, 16 या 18 रन बनाना एक जरूरी फैक्टर बन गया है। लेकिन ओस ही है और कोई गिरावट नहीं है इसलिए पिच धीमी नहीं हुई। बल्कि स्थिति और बेहतर होती गई। इसलिए अगर आप रणनीतिक नजरिए से इसे देखें, अगर आप जानते हैं कि आपको कितने रन बनाने हैं और कितना तेज खेलना है तो आपको फायदा मिलता है।”

पंजाब के खिलाफ मैच में हार के बारे में बात करते हुए फ्लेमिंग ने कहा, “जब आप केवल चार रन से हारते हैं तो आप हमेशा ही सोचते हो, वो चार रन कहां कम रह गए, क्या फील्डिंग में लापरवाही हुई, या कोई अच्छा शॉट लगा या अच्छा क्रिकेट खेला? मुझे लगता है कि लड़कों ने रन रेट बढ़ाने के लिए जी जान से कोशिश की। ये बस उन मैचों में से एक था जहां पारी के दौरान मूमेंटम बनाए रखना मुश्किल होता है, फिर रन रेट में बदलाव होता है और फील्डिंग टीम बचाव करने में लग जाती है और आप पूरी तरह के आक्रमक हो जाते हैं। 16 ओवर के आसपास ऐसा होता है इसलिए आज के मैच में ऐसा ही हुआ।”