Keeping Ajinkya Rahane, Bhuneshwar Kumar out of playing XI is shameful, says Manoj Prabhakar
अजिंक्य रहाणे © AFP

कोलकाता। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर मनोज प्रभाकर ने मौजूदा टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि सीमित ओवर क्रिकेट में फॉर्म के आधार पर खिलाड़ियों को टेस्ट मैच के लिये चुनना शर्मनाक है। भारत ने पहले दो टेस्ट में अजिंक्य रहाणे को बाहर रखा जबकि भुवनेश्वर कुमार को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया और उनकी जगह इशांत शर्मा को टीम में शामिल किया।

केपटाउन में शुरूआती दिन भुवनेश्वर ने शानदार प्रदर्शन किया था, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 12 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिए थे। लेकिन भारतीय टीम इस मैच में 208 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और हार गयी। प्रभाकर ने आज ईडन गार्डन्स में पत्रकारों से कहा, ‘‘ये शर्मनाक है, अगर आप टेस्ट टीम का चयन टी20 या वनडे टीम की फॉर्म के आधार पर करना शुरू कर दोगे तो आपका नुकसान होगा। टेस्ट मैचों में नई गेंद से खेलना एक विशेषज्ञ का काम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास रिषभ पंत है, क्या आप उसे टेस्ट में खिलाओगे? वह 25-30 गेंद में शतक बना सकता है।’’ प्रभाकर दिल्ली के गेंदबाजी कोच हैं और यहां सैयद मुश्ताक अली ट्राफी टी20 टूर्नामेंट के लिये आये हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट में आपको अलग तकनीक की जरूरत होती है। लेकिन वनडे में कोई बल्लेबाज दोहरा शतक बनाता है तो उसका स्थान स्थिर हो जाता है। रहाणे को खिलाना चाहिए था। हमारी यही समस्या है।’’