KL Rahul: I was scoring fifty, but could’t take it to three digits
KL Rahul (File Photo) © AFP

मैनचेस्‍टर में खेले गए सीरीज के पहले टी-20 मुकाबले में भारत ने मेजबान इंग्‍लैंड को आठ विकेट से हराया। बल्‍लेबाजी में जीत के नायक केएल राहुल रहे। तीसरे नंबर पर खेलने के लिए उतरे राहुल ने 54 गेंद पर 101 रनों की नाबाद पारी खेली। भारत ने 10 गेंद पहले ही मैच अपने नाम कर लिया। अपने दम पर भारत को पहला मैच जिताने के बाद क्रिकेट के दिग्‍गज भी ये कहने पर मजबूर हो गए कि केएल राहुल बेहतरीन बल्‍लेबाज हैं। उन्‍हें क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खिलाया जाना चाहिए।

इंग्लैंड से दूसरा टी-20 जीत टीम इंडिया लगाएगी सीरीज जीत का 'छक्का'
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भारत को दूसरा टी-20 मुकाबला शुक्रवार को कार्डिफ में खेलना है। मैच से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान केएल राहुल ने अपने स्‍ट्रगल के दिनों की यादें साझा की। राहुल ने कहा, “बाहर बैठकर समझ आता है मौका कितना अहम होता है। मैच जिताओ तो ही टीम में जगह मिलेगी और आप भरोसा जीताेगे।  मैं खुश हूं कि मैं अपने आपको साबित कर पा रहा हूं।”

राहुल ने कहा, “मैं 50 रन तो बना रहा था, लेकिन तीन अंकाें में स्‍कोर नहीं बना रहा था। बड़े स्कोर पर लोग नोटिस करते हैं। पहले बीमारी और फिर मौका नहीं मिलना मुझे काफी फ्रस्‍टेट कर रहा था। मैं काफी बेताबी से टीम में आने के लिए कोशिश कर रहा था।

राहुल ने बताया, “खाली बैठकर मैेंने महसूस किया कि चांस मिले तो उसको भुनाना कितना महत्‍वपूर्ण है। आईपीएल के समय से ही मुझे जब भी मौका मिला मैने उसे पूरी तरह से भुनाया। आईपीएल से पहले तक मुझे ज्‍यादा अंतरराष्‍ट्रीय मैच खेलने के मौके नहीं मिले थे। सच बताऊं तो मैंने तकनीकी रूप से खुद को ज्‍यादा नहीं बदला है।”

राहुल ने साल 2014 में अपने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी। वो कभी भी टीम के स्‍थाई सदस्‍य नहीं बन पाए। साल 2015 और 2016 के बीच करीब एक साल तक वो पूरी तरह से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे। साल 2016 में  वेस्‍टइंडीज टेस्‍ट सीरीज से एक बार फिर वापसी करने के बाद भी उन्‍हें ज्‍यादा मौके नहीं दिए गए थे।