‘Mahendra Singh Dhoni don’t allow boys to use maa-behen ki gaali’, quoted Bharat Sundaresan’s book
MS Dhoni with Virat Kohli (File Photo) © Getty Images

इंग्‍लैंड दौरे पर महेंद्र सिंह धोनी का बल्‍ला शांत रहा। वनडे में बेहद धीमी पारियां खेलने के कारण वो पूर्व खिलाड़ियों के निशाने पर रहे, लेकिन ये पहला मौका नहीं है जब धोनी को इस प्रकार की आलोचना झेलनी पड़ी हो। धोनी अपने बल्‍ले से सभी आलोचकों का मुंह बंद करना अच्‍छी तरह से जानते हैं। वो अपने फैन्‍स और साथी खिलाड़ियों के बीच कैप्‍टन कूल के नाम से काफी फेमस हैं। उन्‍हें ये उपलब्धि ऐसे ही नहीं मिली। मैदान पर उनके शांत स्‍वभाव और बेहद गंभीर-नाजुक परिस्थितियों में भी नसों पर नियंत्रण रखने के कारण वो हमेशा से चर्चा में रहते हैं।

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मंकी गेट प्रकरण के बाद भारत ने कर ली थी वापस घर लौटने की तैयारी

पत्रकार भारत सुंदरसन ने अपनी किताब ‘द धोनी टच’ में माही के करियर के इसी कूल अंदाज को बेहद अच्‍छे से समझाया है। उन्‍होंने साल 2007-08 में भारत कें ऑस्‍ट्रेलिया दौरे का जिक्र किया। यह दौरा भज्‍जी का “मंकी गेट” प्रकरण और स्‍टीव बकनर की भारत विरोधी अंपायरिंग के लिए चर्चा में रहा। चार मैचों की टेस्‍ट सीरीज भारत हार गया। दोनों देशों की टीमों के बीच माहौल इतना खराब हो गया कि भारत ने बीच में ही सीरीज छोड़कर वापस घर लौटने का मन बना लिया था। भारतीय टीम की कमान अनिल कुंबले के पास थी। गावस्‍कर बार्डर टेस्‍ट सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच खेली गई वनडे सीरीज में महेंद्र सिंह धोनी ने कप्‍तानी की। ये वनडे सीरीज भारत जीतने में कामयाब रहा।

‘धोनी गोली भी मारते हैं तो अपने स्‍टाइल में’

भारत सुंदरसन ने अपनी किताब में इस प्रकरण का जिक्र करते हुए धोनी के एक नजदीकी दोस्‍त के हवाले से लिखा, “धोनी गोली भी मारता है तो अपने स्‍टाइल से। अगर वो अपने लड़कों को वहां मैदान पर ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाड़ियों के सामने मां-बहन की गाली देने की इजाजत दे देता तो वो दिन के बाकी हिस्‍से में इसी बारे में सोचते।” किताब में लिखा गया, “धोनी मैदान पर उग्र व्‍यवहार दिखाने में विश्‍वास नहीं रखता। उसका मानना है कि अगर आप सामने वाले को नुकसान पहुंचाना चाहते हो तो इसे अपने स्‍टाइल में करो। जो दूसरी टीम कर रहे है वो हमें नहीं करना है।”

अपनी ही रणनीति से सात साल बाद पलटे धोनी

मजेदार बात ये है कि सात साल बाद एक बार फिर जब भारतीय टीम साल 2014-15 में ऑस्‍ट्रेलिया गई तो वहां विराट कोहली, डेविड वार्नर और ब्रेड हैडन के बीच उग्र व्‍यवहार देखने को मिला। धोनी ने अपने पुरानी सोच से यू-टर्न लेते हुए भारतीय खिलाड़ियों को ऑस्‍ट्रेलिया से झगड़ने से नहीं रोका। धोनी ने खिलाड़ियों को केवल इतना निर्देश दिया कि वो किसी पर निजी हमले न करें। धोनी को पता है कि किस तरह से विरोधी टीम के सामने अपनी प्रतिक्रिया देनी हैं।