Mohammed Shami frees from match-fixing allegation; gets a Grade-B contract from BCCI
Mohammad Shami © Getty Images

बीसीसीआई की एंटी करप्‍शन यूनिट (एसीयू) ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों से दोषमुक्त करार दे दिया है जिसके बाद बोर्ड ने आज उनके केंद्रीय अनुबंध को मंजूरी दे दी। शमी को ग्रेड बी का वार्षिक अनुबंध दिया गया है जिससे उन्हें तीन करोड़ रूपये मिलेंगे। वह सात अप्रैल से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलने के लिये भी स्वतंत्र होंगे।

क्‍यों दीपिका पादुकोण के साथ विज्ञापन शूट करने से विराट कोहली को है एतराज
क्‍यों दीपिका पादुकोण के साथ विज्ञापन शूट करने से विराट कोहली को है एतराज

शमी ने कहा मुझे उन्हें पूरा यकीन था कि मैं अपनी बेगुनाही साबित कर पाउंगा। मुझे पर बहुत ज्यादा दबाव था लेकिन बीसीसीआई से क्लीनचिट मिलने के बाद मैं राहत महसूस कर रहा हूं। मैं अपने देश के प्रति अपनी वफादारी और प्रतिबद्धता पर सवाल किए जाने से दुखी था, लेकिन मेरा बीसीसीआई की जांच प्रक्रिया में पूरा भरोसा था। मैं मैदान में वापसी करने को लेकर उत्साहित हूं।’’

शमी ने कहा, ‘‘पिछले 10-15 दिन मेरे लिए काफी मुश्किल रहे। खासकर मैच फिक्सिंग के आरोप से मुझपर काफी दबाव आ गया था। मैंने अपने गुस्से को क्रिकेट के मैदान में सकारात्मक रूप में निकालूंगा। इस फैसले से मुझे मैदान में प्रदर्शन करने का साहस एवं प्रेरणा मिली है।
बीसीसीआई ने इससे पहले हसीन जहां के आरोपों के मद्देनजर शमी का अनुबंध रोके रखने का फैसला किया था। शमी पर उनकी पत्नी ने मैच फिक्सिंग व घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्‍होंने कोलकाता में पति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। शमी ने सभी आरोपों का नकार दिया था। प्रशासकों की समिति (सीओए) ने विशेष तौर पर एसीयू के प्रमुख नीरज कुमार से इन आरोपों की जांच करने के लिये कहा था कि शमी के पाकिस्तानी महिला अलिश्बा के जरिये किसी मोहम्मद भाई से पैसे लिये थे।

सीओए ने प्रेस रिलीज में कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त और बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के प्रमुख नीरज कुमार से मोहम्मद शमी के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच करने के लिये कहा था। नीरज कुमार ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीओए को सौंप दी है। रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर सीओए का मानना है कि इस मामले में आगे किसी तरह की कार्रवाई की जरूरत नहीं है।’’
अब बीसीसीआई मोहम्मद शमी को ग्रेड बी वार्षिक अनुबंध दे दिया है। बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी पहले से ही कहते रहे हैं कि वे शमी की निजी जिंदगी पर कोई फैसला नहीं करेंगे। घरेलू हिंसा की जांच कोलकाता पुलिस कर रही है और यह बोर्ड के दायरे से बाहर है।

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना ने कहा, ‘‘यह शमी और भारतीय क्रिकेट के लिये अच्छी खबर है। वह भारत के लिये प्रतिबद्ध खिलाड़ी रहा है। बीसीसीआई को खुशी है कि भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) की जांच में उसके खिलाफ कुछ नहीं पाया गया। वह अब पेशेवर क्रिकेटर के रूप में अपनी जीविका चला सकता है और आगामी आईपीएल में उसकी वापसी होनी चाहिए।’’

आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला पहले ही साफ कर चुके हैं एसीयू से क्लीन चिट मिलने के बाद शमी को खेलने की अनुमति दे दी जाएगी। दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने भी शमी को क्लीन चिट मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अभी बीसीसीआई से सूचना मिली है कि शमी को भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से दोषमुक्त करार दिया गया है। यह फ्रेंचाइजी के लिये अच्छी खबर है और हम उसकी वापसी से खुश हैं। हमें उम्मीद है कि वह पहले दिन ही शिविर में हिस्सा लेगा।’’