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साउथ अफ्रीका टीम को हालिया सीरीज में मिली हार के बाद एक और बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल प्रोटियाज टीम के गेंदबाज मॉर्ने मॉर्केल राष्ट्रीय टीम को छोड़ कॉलपेक डील साइन कर सकते हैं। खबर ये भी है कि तीन टीमें उन्हें इसका प्रस्ताव भी दे चुकी हैं। मॉर्केल ने हाल ही में इस तरह का बयान दिया था कि वह इंग्लैंड के साथ सीरीज खत्म होने पर बोर्ड के साथ अपने भविष्य पर चर्चा करेंगे। 33 वर्षीय मॉर्केल को लगने लगा है कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर जल्द ही खत्म होने वाला है, ऐसे में काउंटी क्रिकेट टीम के साथ जुड़कर वह अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। मॉर्केल को प्रस्ताव पेश करने वाली तीन टीमों में वारविकशायर भी शामिल है। हालांकि उन्होंने अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

साउथ अफ्रीका के लिए यह नई बात नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कॉलपेक डील साइन करने का फैसला किया हो। इस डील के मुताबिक यूरोपियन संघ से जुड़े किसी भी देश के खिलाड़ी यूरोपियन देश के लिए खेल सकते हैं और उन्हें बाहर का खिलाड़ी नहीं माना जाएगा। साउथ अफ्रीका कोंटोनू समझौते के तहत ईयू से जुड़ा हुआ है, ऐसे में प्रोटियाज खिलाड़ियों के लिए कॉलपेक डील हमेशा ही एक विकल्प बना रहता है। मॉर्केल ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था और मैन ऑफ दी सीरीज रहे थे। पीठ की चोट के बाद क्रिकेट के मैदान पर लौटे मॉर्केल ने इस सीरीज में कुल 19 विकेट चटकाए थे। [ये भी पढ़ें: वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन आज, किसे मिलेगा मौका?]

मॉर्केल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को कोई भी काउंटी टीम साइन करना चाहेगी लेकिन इससे साउथ अफ्रीका क्रिकेट को बड़ा नुकसान होगा। हालांकि एक तरीका है जिससे मॉर्केल और दूसरे खिलाड़ियों को कॉलपेक डील की तरफ बढ़ने से रोका जा सकता है। दरअसल मतदान के जरिए साउथ अफ्रीका यूरोपियन संघ छोड़ सकता है जिसके बाद खिलाड़ी कॉलपेक डील साइन करने के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे।