MSk Prasad and his selection team will not get another tenure
Indian Test Team (File Photo) © Getty Images

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार बीसीसीआई के नए संविधान को औपचारिक तौर पर अपनाए जाने और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय चयनसमिति का कार्यकाल बढ़ने की संभावना नहीं है।

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मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आज सीनियर, जूनियर और महिलाओं के लिए फिर से पांच सदस्यीय चयनसमिति के पुराने ढांचे को अपनाने का फैसला दिया। इस बैंच में न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूढ़ भी शामिल थे।

इसके अलावा विवादास्पद योग्यता प्रावधान (केवल टेस्ट क्रिकेटर) भी हटा दिया गया है और नई शर्तों के अनुसार सात टेस्ट, दस वनडे या 30 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाला क्रिकेटर भी चयनकर्ता बन सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने की चयनकर्ताओं की छुट्टी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रसाद और उनके साथी शरणदीप सिंह और देवांग गांधी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा और क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) नए पैनल के गठन में भूमिका निभाएगी। नया पैनल पांच सदस्यीय होगा। शीर्ष अदालत के आदेश में कहा गया है, ‘‘बीसीसीआई के चुनाव होने तक सीओए को क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) जिसमें नामी पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं, से सलाह करके नई चयनसमिति का गठन करने का अधिकार होगा।’’

चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक रहेंगे अधिकारी

जब बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने पुष्टि की कि प्रसाद और साथी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक ही अपने पद पर रहेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘वे चुनाव पूरे होने तक अपने पद पर रहेंगे। लोढ़ा सुधारों पर आधारित नए संविधान के अनुसार बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के गठन के बाद मौजूदा चयनकर्ताओं का कार्यकाल बढ़ाए जाने की बहुत कम संभावना है।’’

नए संविधान से होगी नई समिति की नियुक्ति

मौजूदा चयनकर्ताओं की नियुक्ति पुराने संविधान के अनुसार की गयी थी और आज के आदेश के बाद स्पष्ट है कि नए संविधान को अपनाए जाने के बाद वे अपने पद पर नहीं बने रहेंगे।