Nazam Sethi: Pakistan will sign only if India will agreed to play bilateral matches according to MoU of 2014
भारत पाकिस्तान के खिलाफ बाई लैटरल सीरीज नहीं खेल रहा है © Getty Images

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नज़म सेठी ने साफ कहा है कि उनकी टीम टेस्ट और वनडे लीग में तभी शामिल होगी जब आईसीसी भारत को पाकिस्तान के साथ 2014 में किया समझौता पूरा करने के लिए कहेगी। इस समझौते के मुताबिक दोनों टीमों को 2014-23 के बीच कुल 6 बाई लैटरल सीरीज खेलनी थी। लेकिन भारत सरकार से अनुमति ना मिलने की वजह से बीसीसीआई पीछे हट गई। वहीं पीसीबी ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ कोर्ट केस करने का फैसला कर लिया। विस़डन इंडिया से बात करते हुए सेठी ने कहा, “पाकिस्तान इस लीग ड्रॉफ्ट पर तभी साइन करेगा जब भारत 2014 के समझौते के हिसाब से सभी बाई लैटरल सीरीज खेलने को राजी होगा और इस केस में हमारी स्थिति को कमजोर किए बिना हमें 2023 तक पूरे 24 मैच खेलने को मिलेंगे।” बता दें कि आईसीसी अगले महीने तक दोनों लीगों का शेड्यूल तैयार करेगी और जनवरी तक सभी सदस्य टीमों को इस ड्रॉफ्ट कर साइन करना होगा।

आईसीसी ने हाल ही में टेस्ट लीग और वनडे लीग को हरी झंडी दी है। टेस्ट लीग में कुल 9 देश दो साल के अंदर 6 सीरीज खेलेंगे जिसमें से 3 विदेशी और 3 घरेलू मैदान पर आयोजित की जाएंगी। वहीं वनडे लीग 13 देशों के बीच होगी। इसमें 12 पूर्ण सदस्यों के साथ आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग चैंपियनशिप की विजेता टीम भी शामिल होगी। इस लीग में सभी टीमों को कुल 8 वनडे सीरीज (4-घरेलू, 4-विदेशी) खेलनी होंगी। आईसीसी के इस पूरे मॉडल के हिसाब से सभी टीमें आपस में कम से कम एक टेस्ट और वनडे सीरीज जरूर खेलेंगी लेकिन भारत और पाकिस्तान का बाई लैटरल सीरीज ना खेलना आईसीसी के लिए सबसे बड़ी समस्या है। [ये भी पढ़ें: उसमान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया टीम की चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल]

आईसीसी अध्यक्ष डेविड रिचर्डसन ने वर्ल्ड इलेवन टीम के पाकिस्तान दौरे के समय साफ कहा था कि अगर भारत पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहता तो वह उन्हें मजबूर नहीं कर सकते। हालांकि अब दोनों देशों के बीच के मतभेद की वजह से आईसीसी की इस लीग पर खतरा मंडराने लगा है।